मऊ। गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन पर मकान और प्राथमिक विद्यालय का भवन के चलते तीन किलोमीटर में चार सर्विस रोड अधूरी है। अब तक एनएचएआई की टीम ने न तो नोटिस दिया न ही अतिक्रमण हटाने ही पहुंची। बुधवार को एनएचएआई के अधिकारी, पुलिस टीम के साथ अतिक्रमण हटाने सहरोज पहुंचे जहां सड़क पूरी बन चुकी है। विरोध करने पर नोटिस थमाकर तीन दिन का समय दिया है।
गोरखपुर वाराणसी फोरलेन का शिलान्यास 16 अक्तूबर 2016 को हुआ था। वर्ष 2019 तक काम पूरा कराने की बात कही गई थी, लेकिन अभी अब काम पूरा नहीं हो पाया है। फोरलेन पर घोसी बाईपास से कल्याणपुर के बीच चार सर्विस रोड अधूरे हैं, लेकिन एनएचएआई ने इन सर्विस रोड का निर्माण को पूरा दिखाकर बोर्ड लगा दिया है। इनके निर्माण में मकान और प्राथमिक विद्यालय का भवन अवरोध बन रहा है। विद्यालय के भवन को हटाया नहीं गया।
आश्चर्य की बात ये है कि फोरलेन बनाने के लिए एनएचएआई ने बड़े से बड़ा मकान, स्कूल और बिल्डिंग तोड़ दी। कहीं 10 मीटर तो कहीं 20 तक ही सर्विस रोड ही बनी है। लेकिन यहां कभी टीम अतिक्रमण हटाने नहीं पहुंची, जिससे अधूरा रास्ता बनाया जा सके। बुधवार दोपहर एनएचएआई के कर्मचारी पुलिस टीम के साथ सहरोज गांव में बृजेश साहनी और उमेश साहनी के मकान को हटाने पहुंचे। इससे नाराज होकर ग्रामीणों ने विरोध किया। विरोध के चलते टीम नोटिस थमाकर फोरलेन के किनारे से तीन के अंदर अतिक्रमण हटाने को कहा। आश्चर्य की बात ये है कि जहां एनएचएआई के अधिकारी अतिक्रमण होना बता रहे हैं वहां सड़क पूरी तरह बन चुकी है। घर किसी तरह का अवरोध नहीं बन रहा है। लाखीपुर, पिढ़वल, हाजीपुर और कल्याणपुर में सर्विस रोड अधूरा होने के चलते स्थानीय लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। रास्ता नहीं होने से लोगों ने फोरलेन पर चढ़ने के लिए जगह जगह से कट बना दिया है। इससे सड़क दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। आबादी वाले इलाकों में और सर्विस रोड के किनारे नालों का निर्माण भी पूरा नहीं हो पाया है, इसके चलते बारिश होने पर उन स्थानों पर दो से तीन फिट जलभराव हो जाता है।
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मजबूरी में बना लिए अवैध कट
फोरलेन जिस स्थान पर सर्विस रोड अधूरे हैं स्थानीय लोगों ने खुद से, सुविधा के लिए अवैध कट बना दिए हैं। इसे ठीक कराने के लिए एनएचआई के अधिकारी हर साल आश्वासन देते हैं। इस साल भी कोहरे में ये अवैध कट राहगीरों के लिए जानलेवा साबित होंगे। शॉर्टकट से निकलने के चक्कर में पहले 15 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। मुख्यमंत्री योगी अदित्यनाथ ने सड़क हादसों पर रोक लगाने के उद्देश्य से इन शॉर्टकट को बंद करने का निर्देश दिया था, लेकिन अभी तक इन्हें बंद करने की कोई कवायद नहीं हुई।
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जगह खाली नहीं करने वाले सभी जमीन मालिकों को नोटिस दिया गया था। किसी न किसी विवाद के चलते जमीन खाली नहीं हो पा रही है। जहां जगह मिली वहां सर्विस रोड बना दी गई है। जैसे ही जमीन खाली होगी वहां सड़क बना दी जाएगी।
- आशीष सिंह सेंगर, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआई, गोरखपुर