मोबाइल ने भले ही दूरियों को खत्म की हैं, लेकिन यह वैवाहिक संबंधों को भी बिगाड़ने में अहम भूमिका निभा रहा है। ऐसा ही मामला रविवार को पुलिस लाइन सभागार के परिवार परामर्श की बैठक में देखने को मिला। बैठक में एक महिला के मोबाइल के ज्यादा इस्तेमाल से उसके पति के बीच दूरी बढ़ने का मामला सामने आया। सदस्यों ने दोनों पर इस समस्या को दूर करने की जिम्मेदारी तय की तो पति ने पत्नी द्वारा मोबाइल ज्यादा चलाने पर आपत्ति की, जिस पर महिला ने अपने रिश्ते में आई खटास को दूर करने के लिए सदस्यों के समक्ष मोबाइल नहीं चलाने का संकल्प लेकर अपने बिखर रहे रिश्ते को बचा लिया।
वहीं इस दौरान एक मामला आया जहां एक महिला ने अपने पति के साथ न रहने की बात कही। महिला ने बताया कि शादी के कई साल बीतने के बाद भी संतान न होने पर उसे दोषी ठहराया जा रहा है, जबकि मेडिकल रिपोर्ट में वह सामान्य है। सदस्यों ने महिला के पति को एक माह में रिश्ते को सुधारने का निर्देश दिया। इससे पहले सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक चली इस बैठक में 57 मामले आए, इसमें 14 मामलों का निस्तारण कर दिया। वहीं सात दंपतियों ने आपसी गिले शिकवे भुलाकर साथ रहने को तैयार हुए। बैठक में अर्चना उपाध्याय, सर्वेश दुबे, शाहिद पैरिस, मौलवी अरशद ने मामलों का निस्तारण किया।