फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोर्ट की दुकान पर अब नहीं मिलेगा गेहूं

विज्ञापन
विज्ञापन
मऊ। गेहूं की महंगाई की मार अब गरीबों की रसोई तक पहुंच गई है। सरकार की ओर से गरीबों को प्रति माह फ्री दिये जाने वाली राशन में से अब गेहूं को हटा दिया गया है। गेहूं की भरपाई अब चावल से होगी। यानी अब जाड़े के मौसम में भी गरीब रोटी की बजाय चालल ही खाएगा। चालू माह में वितरित किए जाने वाले राशन से गेहूं की कटौती कर दी गई है। इसका असर मिड डे मील पर भी पड़ सकता है। सूत्रों के अनुसार, इस साल रबी सीजन में गेहूं का उत्पादन गत वर्षों की अपेक्षा कम हुआ है। इसके अतिरिक्त देश से अफगानिस्तान और श्रीलंका को गेहूं का निर्यात किया गया है। श्रीलंका को तो दो बार गेहूं का निर्यात करना पड़ा है। इसके चलते केंद्रीय भंडारण गृहों में गेहूं का स्टाक प्रभावित हुआ है। खाद्य सुरक्षा गारंटी योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से दिए जाने वाले राशन में पहले प्रति यूनिट पांच किलो राशन फ्री दिया जाता है। इसके तहत तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल वितरित किया जाता था। लेकिन अगस्त महीने में गेहूं की आपूर्ति बिलकुल ही नहीं हुई है। कोटे की दुकानों पर केवल चावल की सप्लाई हुई है। इसलिए लाभार्थियों को केवल चावल का वितरण किया जा रहा है। अब प्रति यूनिट केवल पांच किलो चावल ही गरीबों को दिया जाएगा। प्रदेश सरकार की ओर से दी जाने वाले राशन में गेहूं की कटौती की गई है।पहले प्रति लाभार्थी 35 किलो राशन में 20 किलो गेहूं और 15 किलो चावल दिया जाता था। लेकिन अब इसका उलटा होगा यानी अब 20 किलो चावल और15 किलो गेहूं का वितरण किया जाएगा। यह गेहूं दो रुपये किलो और चावल तीन रुपये किलो होगा। अगर सरकार निशुल्क राशन वितरण योजना को आगे नहीं बढ़ाया तो अगले महीने से फ्री राशन वितरण बंद हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें