मऊ। जिले में गेहूं की खरीद के लिए शुक्रवार को 60 क्रय केंद्र खोलने का दावा विभाग ने किया है। पहले दिन बोहनी नहीं हुई। गेहूं का सरकारी मूल्य 2275 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इस बार जिले के लिए खरीद का लक्ष्य 35 हजार एमटी निर्धारित किया गया है। बताया जा रहा है कि अभी गेहूं की फसल तैयार नहीं हुई है। कई क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद के पोस्टर-बैनर अभी नहीं लगाए गए। किसानों को गेहूं की फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए जिले में 60 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इनमें पीसीएफ के 40, विपणन के 18, एफसीआई के दो क्रय केंद्र शामिल हैं। गेहूं खरीद के पहले दिन कई क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद का पोस्टर बैनर तक नहीं लगाया जा सका है। रबी विपणन वर्ष 2024-25 में न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत गेहूं की खरीद होगी। शासन द्वारा गेहूं के समर्थन मूल्य पर इस बार 150 रुपये की वृद्धि की है जो समर्थन मूल्य 2275 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। जबकि गत वर्ष तक 2125 रुपये प्रति क्विंटल गेंहू की खरीद की गई थी। गेहूं खरीद के पहले दिन बोहनी तक नहीं हुई। बताया जा रहा है कि किसानों की गेहूं की फसल तैयार ही नहीं है। ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया चल रही है। लगभग 1400 किसानों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। अधिकारियों के अनुसार गेहूं बेचने के लिए किसानों द्वारा आनलाइन पंजीकरण कराने के बाद सत्यापन प्रक्रिया स्वत: शुरू हो जाएगी। राजस्वकर्मी सत्यापन कर अपनी रिपोर्ट उपजिलाधिकारी को सौंपेंगे। क्रय केंद्रों पर दो इलेक्ट्रानिक कांटा, नमी मापक यंत्र, छलना और विनोईग फैन का इंतजाम किया गया है। इसके साथ ही छाया, शुद्ध पानी आदि की व्यवस्था के लिए निर्देश दिया गया है। सभी क्रय केंद्रों को सक्रिय कर दिया गया है। वहीं, एआर साधन सहकारी समितियां जगदीश प्रसाद का कहना है कि सभी क्रय केंद्रों पर पोस्टर बैनर लगाने का कार्य चल रहा है। इस बाबत डिटी आरएमओ विपुल सिन्हा का कहना है कि क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद की जाएगी। इसमें लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।