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व्यवस्थित नहीं हो सकी गेेहूं खरीद प्रक्रिया

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अमिला विपणन गोदाम पर किसानों के गेंहू का हो रहा तौल।संवाद - फोटो : MAU
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मऊ। गेहूं खरीद शुरू होने के 22 दिन बाद खरीद प्रक्रिया की व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की जा सकी हैं। कई क्रय केंद्रों पर बोरों का अभाव रहा। अब तक 2303.39 एमटी की खरीद हो सकी है। एफसीआई की बोहनी तक नहीं हुई है। इससे किसान गेहूं खरीद के लिए चक्कर काट रहे हैं। सब कुछ जानते हुए आला अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। किसानों को गेहूूं की फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए शासन की तरफ से जिले में 49 क्रय केंद्र खोले गए हैं। जिसमें पीसीएफ के 36, खाद्य विभाग के 12 तथा एफसीआई के एक केंद्र हैं। शासन की तरफ से जिले को 35 हजार एमटी खरीद का लक्ष्य तय किया गया है। शुक्रवार को पीसीएफ के दो क्रय केंद्रों पर बोरे उपलब्ध नहीं थे। इसके चलते खरीद प्रक्रिया पर असर पड़ा। अधिकारियों की मानें तो आनलाइन डिमांड करने के बाद भी बोरा की आपूर्ति नहीं की जा सकी थी। एजेंसीवार खरीद पर नजर डाला जाए तो विपणन विभाग के 12 क्रय केंद्रों पर 1147.25 एमटी तथा पीसीएफ के36 क्रय केंद्रों पर 1156.14 एमटी खरीद की गई है। जबकि एफसीआई के एक क्रय केंद्र पर बोहनी नहीं हो सकी है। क्रय केंद्र चालू न होने से किसानों को प्रतिदिन बैरंग लौटना पड़ रहा है। किसान नेता राकेश सिंह, देवप्रकाश राय, देवेंद्र सिंह का कहना था कि खरीद शुरू तो हो जाती है, लेकिन हमेशा बोरा की किल्लत रहती है। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है। सभी क्रय केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में बोरा की उपलब्धता रहनी चाहिए। एआर सहकारिता विवेक कौशल का कहना था कि दो क्रय केंद्रों पर आज ही बोरा खत्म हो गया है। आनलाइन डिमांड की गई है।
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