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महीनों से क्रय केंद्रों पर खड़े हैं गेहूं लदी ट्रैक्टर ट्राली

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मधुबन (मऊ)। एक तरफ सरकार तथा जिला प्रशासन द्वारा किसानों के अधिकतम गेहूं खरीद का दावा किया जा रहा है। वहीं लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों की वजह से किसानों को गेहूं बेचने के लिए नाको चने चबाने पड़ रहे हैं। फतहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र के गजियापुर स्थित साधन सहकारी समिति पर बने गेहूं क्रय केंद्र पर दर्जनों किसान हफ्तों से गेहूं से लदी ट्राली लेकर डेरा डाले हुए हैं।
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लेकिन आज तक खरीद नहीं हो सकी है। क्रय केंद्र प्रभारी तथा आला अधिकारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैए से बिचौलियों की खूब चांदी कट रही है। शासन की तरफ से गेहूं क्रय की तिथि बढ़ा दी गई है। इसके बावजूद बुधवार को खरीदारी नहीं हो सकी। हालत यह है 312 किसानों ने आनलाइन पंजीकरण कराया है। अब तक 99 किसानों से 8,787 कुंतल गेहूं खरीद की जा चुकी है। किसान भी अपना सब काम छोड़कर क्रय केंद्र पर डेरा डाले हुए हैं। बारिश से तमाम ट्रॉलियों में रखा गेहूं भीगकर अंकुरित हो गया। परेशान किसानों ने आला अधिकारियों से शिकायत किया, लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ भी हासिल नहीं हो सका है।
फतहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र के गजियापुर स्थित साधन सहकारी समिति को गेहूं क्रय केंद्र बनाया गया है। एक अप्रैल से गेहूं खरीद चल रही है। फसल का उचित मूल्य पाने के लिए क्षेत्र के 312 किसानों ने आनलाइन पंजीकरण कराया है। अब तक 99 किसानों से आठ हजार सात सौ 87 कुंतल गेहूं खरीद की जा चुकी है। 213 किसान आज भी गेहूं बेचने के लिए क्रय केंद्रों का चक्कर काटने को विवश हैं। दर्जनों किसान तो गेहूं से लदी ट्राली लेकर अपना सब काम छोड़कर क्रय केंद्र पर महीनों से डेरा डाले हुए हैं। लेकिन बारिश ने उनके सपने पर पानी फेर दिया। ट्रैक्टर ट्राली में रखा गेहूं अंकुरित होने लगा है।
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किसान अपने ट्रालियों की रखवाली कर रहे हैं तथा अपने बारी के इंतजार में हैं। इस बाबत क्रय केंद्र प्रभारी लल्लन यादव का कहना था कि गेहूं टोकन के हिसाब से खरीदा जा रहा है। बुधवार को मशीन लाक होने के कारण खरीदारी नहीं की जा सकी है। जिले से मशीन का लॉक खुलेगा खरीदारी प्रारंभ कर दी जाएगी।
इस मामले में बिसेन दुबारी निवासी छविनाथ सिंह ने बताया कि उनका टोकन संख्या 75 है। क्रय करने की तिथि 30 अप्रैल है, लेकिन डेढ़ महीने बीतने के बाद भी उनका गेहूं तौल नहीं किया जा सका है। तो बिक्रमपुर निवासी विद्यावती देवी पत्नी चंद्र भूषण सिंह का कहना है कि उनका टोकन संख्या 110 है। क्रय करने की तिथि आठ मई है बावजूद आज तक खरीदारी नहीं की जा सकी है।
वहीं, कुंवर पुरवा निवासी जयप्रकाश ने बताया कि उनका टोकन संख्या 67 है और खरीदारी तिथि के डेढ़ महीने बीतने के बावजूद अभी तक खरीदारी नहीं हो सकी है। उधर, कुंवरपुरवा के किसान अभिजीत शुक्ला का कहना था कि टोकन जारी होने के बाद भी खरीद करने में खेल हो रहा है। गेहूं सड़ने के कारण बदबू आ रही है। ऐसे में अगर गेहूं तौल नहीं हुआ तो सोलह आने नुकसान का सौदा होगा।
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