मऊ। रविवार की शाम नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में कहीं- बूंदाबांदी तो कहीं बौछार पड़ी। बौछार पड़ने से कटाई मंड़ाई बंद हो गई। मौसम में आए बदलाव से किसान परेशान हैं। बारिश होने से खेती किसानी पर विपरीत असर पड़ने की संभावना प्रबल हो गई है। परेशान किसान आकाश की तरफ टकटकी लगाए रहे। जिले के विभिन्न इलाकों में गेहूं की कटाई मंड़ाई युद्ध स्तर पर चल रही है। ऐसे में रविवार की शाम बूंदाबांदी तो कहीं बौछार पड़ी। इससे कटाई भी बंद हो गई। मौसम में परिवर्तन से किसानों के दिल की धड़कनें बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों की मानें तो बारिश होने की स्थिति में तिलहन की फसल में माहो का प्रकोप बढ़ेगा। साथ ही गेहूं की फसल भींगने से दाने की चमक गायब होगी। बढुआगोदाम क्षेत्र के जयप्रकाश सिंह, श्रीकृष्ण यादव, महेंद्र यादव का कहना था कि प्रकृति के प्रकोप से बार-बार फसल का नुकसान हो रहा है। बौछार पड़ने से बोझ को सुखाना मुश्किल भरा काम होगा। यही हाल रहा तो फसल का घर जाना मुश्किल ही लग रहा है। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि बारिश में दाने के भींग जाने से बाजार रेट कम होगा। किसानों को गेहूं को पूरी तरह सूखाकर और दवाओं को रखकर ही भंडारण करना चाहिए।