मऊ। आज विश्व रक्तदाता दिवस है। यह दिन रक्तदाताओं का दिन माना जाता है, जो बिना किसी स्वार्थ के ही अपने नजदीक के ब्लड बैंक पहुंचकर दूसरों की जान बचाने के लिए रक्तदान करते हैं। विश्व रक्तदाता दिवस के इस अवसर पर अमर उजाला आप सभी पाठकों को जिले के ऐसे ही रक्तदाताओं से रूबरू करा रहा है। इन रक्तदाताओं में सबसे पहला नाम मुहम्मदाबाद गोहना निवासी 62 वर्षीय इफ्तेखार अहमद जो कि 1985 से अब तक 70 बार रक्तदान कर चुके है।
बुनकर का काम करने वाले इफ्तेखार बताते हैं कि उनकी पत्नी की तबियत खराब होने पर 16 दिसंबर 1985 को पहली बार रक्तदान किए थे। लेकिन यह रक्तदान उन्होंने अपनी पत्नी के लिए किया था। लेकिन रक्तदान कर उन्हें काफी अच्छा महसूस हुआ उसके बाद उनके द्वारा रक्तदान करने का सिलसिला शुरू कर दिया गया।
बताया कि वो अमर उजाला द्वारा आयोजित विजय कारगिल दिवस पर आयोजित रक्तदान शिविर में रक्तदान करते है। बताया कि वो खुद के साथ अपने दोस्तों मेहरुदीन अंसारी, कमाल अहमद, मजीबरर्रहमान, रेयाज अदम, राजीव मद्देशिया, मनोज गुप्ता को भी रक्तदान के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इसी तरह से रानीपुर ब्लाक के अमारी के भारत स्वाभिमान के सदर तहसील प्रभारी सर्वेश शर्मा जो कि बीते 15 वर्ष से योग से जुड़े हैं। अब तक उनके द्वारा 25 बार से ज्यादा रक्तदान किया जा चुका है।
महिलाएं भी रक्तदान से पीछे नहीं
मऊ। रक्तदान करने में वाले रक्तदान करने में महिलाएं भी पीछे नहीं है। इन महिला रक्तदाताओं में एक नाम अर्चना सिंह है। नगर क्षेत्र के चांदमारी इमलिया निवासी अर्चना छह बार रक्तदान कर चुकी है। अर्चना कहतीं हैं कि रक्तदान करने से उन्हें काफी सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। इसी तरह से घोसी की सपना राय ने कहा कि वह तीन बार से अधिक रक्तदान कर चुकी हैं। रक्तदान को लेकर अब वो अपने जान पहचान के लोगों के लिए इससे जागरूक करती हैं।