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फ्लैट रेट और मीटर रीडिंग के बीच लटका है बुनकरों की बिजली बिल का मामला

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मऊ। जिले में फ्लैट रेट और मीटर रीडिंग के बीच बुनकरों के बिजली बिल भुगतान का मामला लटका है। सरकार ने करीब दो साल से अभी तक संशोधित आदेश जारी नहीं किया। ऐसे में बिजली बिल भुगतान बढ़ने की चिंता से बुनकर परेशान हैं। जनपद में लगभग चार लाख बुनकर हैं। यहां पावरलूम से साड़ियों और लुंगी सहित अन्य कपड़ों की बुनाई काफी मात्रा में होती है। पिछली सपा सरकार में बुनकरों को लूम चलाने के लिए फ्लैट रेट से बिजली बिल का प्रावधान किया गया था। बाद में भाजपा सरकार ने इसमें बदलाव करके मीटर रीडिंग के हिसाब से बिजली बिल वसूलने का आदेश जारी कर दिया। इस आदेश का बुनकर संगठनों ने काफी विरोध किया। बुनकर संगठनों के प्रतिनिधियों से सचिव स्तर के अधिकारियों की वार्ता के बाद इस नए आदेश को स्थगित कर दिया गया। लेकिन इसके स्थान पर नया संशोधित आदेश जारी नहीं किया गया। इससे बुनकर बिजली बिल जमा नहीं कर पा रहे हैं। शासन की ओर से स्पष्ट आदेश न होने से विभागीय अधिकारी भी बुनकरों का बकाया बिजली बिल जमा कराने को लेकर असमंजस में हैं। उत्तर प्रदेश बुनकर समिति के प्रदेश अध्यक्ष अबू बकर अंसारी कहते हैं कि सरकार की ओर से अब तक कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं किया गया इसके चलते बुनकर अपना बिजली बिल जमा नहीं कर पा रहे हैं उनका बकाया बढ़ता ही जा रहा है। बुनकर नेता पूर्व पालिकाध्यक्ष अरशद जमाल कहते हैं कि सरकार को बुनकरों के लिए फ्लैट रेट से बिजली बिल भुगतान का आदेश जारी करना चाहिए। बुनकर अरशद अहमद कहते हैं कि बुनकर ऐसे ही तंगहाली के दौर से गुजर रहे हैं। सरकार को बकाया बिजली बिल माफ करते हुए फ्लेट रेट लागू करके बुनकरों को राहत देनी चाहिए। बुनकर अल्ताफ अंसारी कहते हैं कि वर्तमान महंगाई के दौर में बुनकरों को रियायती दर से ही बिजली बिल का आदेश किया जाना चाहिए। अधीक्षण अभियंता एसके सरोज ने बताया कि बुनकरों के लिए शासन की ओर से अभी तक कोई नया संशोधित आदेश नहीं आया है। नया आदेश आने पर उसके अनुसार बिजली बिल वसूल किया जाएगा।
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