मऊ। नगर सहित जिले के विभिन्न इलाकों में रविवार को तड़के तेज हवा के साथ कहीं बूंदाबांदी तो कहीं बारिश हुई। इसके चलते कटाई मंड़ाई बंद हो गई। ऐसे में खेतों में मंड़ाई के लिए रखा गेहूं और गेहूं का बोझ भीग गया। आम की फसल को भी नुकसान पहुंचा। उसके बाद निकली धूप के बाद किसान फसल को सहेजने में लगे रहे। सुबह लगभग नौ बजे तक आकाश में बादल छाए रहे। 18 किमी की रफ्तार से हवा चलने से मौसम ठंडा रहा। दिन भर धूप छांव होती रही। अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा। बार-बार मौसम परिवर्तन होते देख किसानों के दिल की धड़कनें बढ़ती ही जा रही है। विशेषज्ञों की मानें तो बारिश से तिलहन की फसल में माहो का प्रकोप बढ़ेगा। साथ ही गेहूं की फसल भींगने से दाने की चमक गायब होगी। बाजार रेट कम मिलेगा। कुसुम्हा: क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में तेज हवा के साथ बारिश हुई। बारिश ने करीब आधे घंटे तबाही मचाई। जिससे खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। आम की फसल को लेकर भी संकट पैदा हो गया है। कटाई-मड़ाई के बाद खलिहानों में रखा अनाज और भूसा भी भींग गया। किसान कल्लन यादव, राम उदय ने बताया कि इस वर्ष प्रकृति के प्रकोप से फसलों को नुकसान पहुंचा है। यही हाल रहा तो लागत भी नहीं निकलेगी। कृषि विशेषज्ञ संतोष कुमार मिश्र ने बताया कि तिलहन की फसल में माहो का प्रकोप बढ़ेगा। साथ ही गेहूं की फसल भींगने से दाने की चमक गायब होगी। बाजार रेट कम मिलेगा।