क्षेत्र के गोठा गांव स्थित ओवरहेड टैंक का पंप में तकनीकी खामी आने के चलते 12 गांवों में 13 दिनों से जलापूर्ति ठप है। इससे लोगों को शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा। लोग पानी के लिए भटक रहे। वहीं, दूषित पानी पीने के चलते लोग संक्रामक बीमारियों की चपेट में अने लगे हैं। गोठा गांव स्थित ओवरहेड टैंक से धनौली, इब्राहिमाबाद, खरकौली, फरसरा खुर्द, लालजी का पुरा, फरसरा बुजुर्ग, पनइल, कुसुम्हां, पाउस सहित एक दर्जन गांवों को जलापूर्ति की जाती है। पंप में तकनीकी खामी आने के चलते जलापूर्ति बाधित है। हफ्तों से जलापूर्ति बाधित होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। प्रदूषित पानी के सेवन से लोग पेचिश, उल्टी, पेटदर्द सहित विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। शिकायत के बाद भी सुनवाई न होने से लोगों में नाराजगी है। शिकायत के बाद भी भी जल निगम के अधिकारी तथा कर्मचारी उदासीनता बरत रहे हैं। ग्रामीणों ने जलापूर्ति अविलंब बहाल नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
इस बाबत जल निगम के अवर अभियंता सत्येंद्र कौशल ने बताया कि ओवरहेड टैंक के पंप की समय सीमा 30 वर्ष होती है। जबकि यह पंप अपने समय से 15 वर्ष ज्यादा चल चुका है। इसके चलते बार-बार पंप खराब हो रहा है। पंप को बदलने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। पंप के मरम्मत कार्य करने का प्रयास जारी है। मधुबन ः जलनिगम के नलकूप की मोटर फुुंक जाने से इलाकाई लोग बुधवार को भी पानी के लिए तरस गए। शनिवार को फुंकी मोटर बुधवार को भी नहीं बन सकी। जबकि विभाग का दावा है कि जल्द ही समसस्सा का समाधान हो जाएगा। नगर पंचायत मधुबन सहित आसपास के क्षेत्रों खीरीकोठा, गांगेबीर, जजौली, अहिरौली, तिवारी चक, कटघराशंकर, उसुरी, कमरौली, पाती सहित दर्जनों ऐसे गांवों में आपूर्ति के लिए 1972-73 में तीस हजार लीटर क्षमता का ओवरहेड टैंक बनाया गया था। साथ ही दो पंप घर भी बनाए गए थे। लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते एक पंप दशकों से खराब है। इतना ही नहीं विभाग के जेई के लिए यहां पर मकान बना हुआ है लेकिन वो नहीं रुकते।
वर्तमान समय में एक पंप से ही पानी की सप्लाई दी जा रही थी। जो शनिवार को जल गया। पानी के अभाव में सबसे ज्यादा थाने और कस्बेवासियों को समस्या से जुझना पड़ रहा। बाजार निवासी हरिशंकर जायसवाल, बृजेश जायसवाल, शंकर मद्धेशिया, रोहित गुप्ता, सिंटू, नगर पंचायत सदस्य राजेश यादव, गुड्डू वर्मा, सोनू गुप्ता, रानू जायसवाल सहित तमाम लोगों ने अविलंब पानी की सप्लाई बहाल करने की मांग की है। जेई प्रदीप पांडेय ने बताया कि मोटर जल जाने से यह समस्या उत्पन्न हुई है। बोले ओवरहेड टैंक की तीस वर्ष की अवधि पूरी होने के साथ ही उसकी गारंटी खत्म हो गई है।