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घाघरा का जलस्तर 20 सेमी चढ़ा

Thu, 21 Jul 2016 12:19 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
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बुधवार को दोहरीघाट में ऊफनाई घाघरा नदी। अमर उजाला
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घाघरा जैसे-जैैसे रौद्र रुप धारण करती जा रही है वैसे-वैसे तटवर्ती इलाके के लोगों की धड़कनें बढ़ती ही जा रही है। नदी तबाही मचाने  को बेताब दिख रही हैै। बुधवार को भी नदी के जलस्तर में 20 सेमी की वृद्धि दर्ज  की गई। नदी के उग्र रुप धारण करने से  ऐतिहासिक धरोहरों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।
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नदी के जलस्तर बढ़ने की रफ्तार जारी रहने से  तटवर्ती इलाके के लोगों को नदी के तबाही मचाने की चिंता सताने लगी है। रोपाई के पीक आवर में नदी के जलस्तर में वृद्धि का क्रम जारी रहने से  किसानों को धान की फसल डूबने की चिंता सताने लगी है। काफी संख्या में किसान धान की रोपाई कराए हैं, अब नदी में बाढ़ आने पर फसल नष्ट होने की संभावना प्रबल हो गई है। घाघरा नेअपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है।नदी के जलस्तर पर नजर जाए तो  बुधवार को 20सेमी की वृद्धि दर्ज की गई।

नदी का जलस्तर 69.80 मीटर पर पहुंच गया।  मंगलवार को जल स्तर  69.60 मीटर रहा। नदी खतरे के निशान से मात्र 10 सेमी नीचे बह रही है। गौरीशंकर घाट पर खतरे का  निशान 69.90 मीटर आंका गया है।  घाघरा के प्रचंड लहरें मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर पर  टकरा रही हैं। जिससे धरोहरों पर खतरा मंडराने लगा है। अगर नदी के बढ़ाने का  क्रम जारी रहा तो नदी देर रात तक खतरा बिंदु पार कर सकती है।
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नदी में तेजी से  बढ़ते जल स्तर स्तर से नगरवासियों की बेचैनी बढ़ती ही जा रही है। नदी के  रौद्र रुप धारण करने से  एतिहासिक धरोहरें मुक्तिधाम, भारत माता मंदिर,  दुर्गा मंदिर,  लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, शाही मस्जिद, हनुमान  मंदिर, डीह बाबा का मंदिर आदि का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। वहीं कस्बा  सहित धनौली रामपुर, नईबाजार, चिऊंटीडांड़, नौली, बहादुरपुर,  पतनई सरया,  गोधनी ठाकुर गांव, ताहिरपुर सहित दर्जनों तटवर्ती इलाके के लोग नदी के कहर ढाने की आशंका से दहशतजदा हैं।
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