सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि होने का क्रम जारी रहने से कस्बे सहित तटवर्ती इलाके के लोगों को नदी के कहर बरपाने की चिंता सताने लगी है। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 10 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी अब खतरा बिंदु से 45 सेमी ऊपर बह रही हैं। इससे सैकड़ों एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई है।
सरयू नदी का जलस्तर जैसे-जैसे खतरा बिंदु से ऊपर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे तटवर्ती इलाके के लोगों की धड़कनें बढ़ती ही जा रही है। नदी की लहरें भारत माता मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, श्मशान घाट पर टक्कर मार रही हैं। इसके चलते मुक्तिधाम, डीह बाबा का मंदिर, शाही मस्जिद, हनुमान मंदिर, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला सहित नगर की ऐतिहासिक धरोहरों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। कस्बा के तीन मुहल्लों में पानी घुसने की आशंका से लोग दहशत में जी रहे हैं। तटवर्ती इलाकों में पुनः पानी के घुसने से सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है।
धनौली लोहराबंधा, नौली चिउटीडांड़, रिंग बंधा, बीबीपुर बेलोली बंधा पर पानी के पहुंचने से बंधों पर खतरा बढ़ गया है। गौरीशंकर घाट पर रविवार को सरयू का जलस्तर 70.35 मीटर रहा। जबकि शनिवार को जलस्तर 70.25 मीटर रिकॉर्ड किया गया था। नदी अब खतरा बिंदु 69.90 मीटर से 45 सेमी ऊपर बह रही थी।