रेलवे स्टेशन पर बंद शीतल जल प्याऊ।
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मऊ। तापमान बढ़ने और दिन में तल्ख धूप से गर्मी का अहसास होने लगा है। घर से बाहर निकलने पर हलक सूखने लगे हैं और पेयजल की जरूरत महसूस होने लगी है। इसके बाद भी मऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन और रोडवेज परिसर में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई है। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर लगे वाटर कूलर बंद हैं, टोटियां टूटी पड़ी हैं जबकि रोडवेज परिसर में लगा हैंडपंप खराब है। ऐसे में यात्रियों को बोतल का पानी खरीद कर प्यास बुझानी पड़ती है। इससे बोतल बंद पानी बेचने वालों की खूब कमाई हो रही है।
मऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन और रोडवेज परिसर का जायजा मंगलवार को अमर उजाला ने लिया। इस दौरान यात्रियों को पेयजल के लिए भटकते पाया गया। आदर्श रेलवे स्टेशनों में शुमार मऊ जंक्शन के प्लेटफार्म एक पर लगे दो वाटर कूलर तथा प्लेटफार्म तीन तथा चार पर लगा वाटर कूलर चालू नहीं किया गया हैै। इस रूट पर प्रतिदिन दस से अधिक ट्रेनें गुजर रही हैं। वाटर कूलर नहीं चलने से यात्री पेयजल के लिए प्लेटफार्म पर भटकते नजर आए। पेयजल नहीं मिलने पर यात्रियों को बोतल बंद पानी खरीद कर प्यास बुझानी पड़ी। प्लेटफार्म पर लगी पानी की अधिकतर टोटियां भी खराब पड़ी हैं। इसी प्रकार रोडवेज परिसर में पेयजल व्यवस्था बदहाल है। परिसर में लगा हैंडपंप खराब है। इसके चलते एक मात्र आरओ मशीन के सामने पानी लेने के लिए यात्रियों की कतार लग रही है। सिर्फ एक आरओ मशीन से यात्रियों की पेयजल की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है और यात्री बोतल बंद पानी खरीद कर प्यास बुझाने को मजबूर हैं।
कोट
मऊ स्टेशन पर पेयजल समस्या संज्ञान में नहीं है। इस संबंध में स्थानीय स्टेशन के अधिकारियों से बात की जाएगी और व्यवस्था सुधारी जाएगी।-अशोक कुमार, जनसंपर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे।
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मऊ डिपो का प्रभार दो दिन पूर्व ही लिया है, ऐसे में पेयजल समस्या के बारे में जानकारी है। अगर हैंडपंप खराब है तो उसे दुरुस्त कराया जाएगा। यात्री सुविधाओं में कोई कमी नहीं रहेगी।-महेश चंद्र श्रीवास्तव, एआरएम मऊ डिपो।