मऊ में हल्दी की रस्म पूरी करने जा रही महिलाओं पर दीवार गिर गई। हादसे में दो बच्चे समेत छह की मौत हो गई। जबकि 16 गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद इन घायलों को जिला अस्पताल के अलावा दो निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
उत्तर प्रदेश के मऊ जिले की घोसी कोतवाली क्षेत्र के मदापुर समसपुर स्थित सकेरे रास्ते के पास एक खाली प्लाट की दीवार शुक्रवार की दोपहर तीन बजे अचानक ढह गई। घटना के समय ईंट की दीवार के पास से हल्दी की रस्म पूरी करने के लिए महिलाएं जा रही थीं। घटना में 23 लोग दब गए।
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राहत कार्य के बाद दो बच्चे और चार महिलाओं की हादसे में मौत हो गई। जबकि 16 गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद इन घायलों को जिला अस्पताल के अलावा दो निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
घोसी कोतवाली क्षेत्र के मदापुर समसपुर स्थित असकरी मेमोरियल स्कूल के पीछे सकेरे रास्ते के पूर्वी छोर पर तसौवर खान और ग्यासुदीन आदि का खाली प्लाट है। जहां एक दीवार बनी थी। यह दीवार करीब 10 फीट ऊंची, 15 फीट लंबी थी। दीवार से सटे ही दक्षिण-पूरब पर एक पोखरी है।
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घोसी कोतवाली के स्टेशन रोड निवासी बृजेश गुप्ता के बेटे बालेंदु की शादी नौ दिसंबर को तय हुई थी। बरात जाने से एक दिन पहले शुक्रवार को हल्दी की रस्म अदा करने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं, रिश्तेदार, पड़ोसी जा रहे थे। इस बीच दूल्हे के साथ उनकी माता पहले ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंची थी।
महिलाएं पीछे से गीत गाते चल रही थीं। इसी दौरान दीवार के पूर्वी तरफ रखी मिट्टी, बालू के दबाव से दीवार अचानक ढह गई। इसकी जद में महिलाएं आ गईं। आसपास के लोग हादसे की सूचना पर एकत्रित हो गए और मलबा से घायलों को निकालने का प्रयास करने लगे।
इसी बीच घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम सुमित कुमार सिंह, सीओ घोसी दिनेश दत्त मिश्रा दल बल के साथ मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में जुट गए। दो जेसीबी से दीवार का मलबा हटाने का कार्य शुरू हुआ। हादसे में दो बच्चों समेत चार महिलाओं की मौत हो गई।
अस्पताल में मची रही अफरातफरी, घायलों को ढूंढते रहे परिजन
घोसी कोतवाली के मदा समसपुर में हल्दी रस्म के दौरान दीवार गिरने के बाद हुए हादसे में घायलों के जिला अस्पताल में पहुंचने के बाद अफरातफरी का माहौल रहा। सूचना मिलने के बाद घायलों के पहुंचे परिजन अपने घायलों को ढूंढते रहे। जितनी एंबुलेंस पहुंच रही थी, उसमें लोग अपनों को तलाशते दिखे।
अस्पताल के गेट से लेकर आपातकाल तक चीखती पुकारती आवाज सुनाई दे रही थी। प्रशासन के मुताबिक, घटना में कुल 23 लोग के घायल होने की जानकारी दी गई। जबकि छह की मौत की पुष्टि की गई। हादसे में घायलों में जिला अस्पताल में पूनम शर्मा पत्नी विजय निवासी घोसी, माधव (उम्र साढ़े तीन वर्ष) पुत्र सत्यवान निवासी घोसी, चंदा चौरसिया पत्नी जयचंद चौरसिया घोसी, पूजा अग्रवाल पत्नी गोवर्धन अग्रवाल रानी की सराय आजमगढ़ का नाम पता चल सका।
घायलों में निर्मला, रेशमी, प्रभावती, अनन्नया, गायत्री, अनसुईया, इंद्रावती, नम्रता, रूही अग्रवाल, पुष्पा यादव हैं। सभी के परिजन रोते बिलखते अस्पताल पहुंचे। सबसे पहले घायलों को जिला अस्पताल में लाया गया। फिर कुछ देर बाद तीन एंबुलेंस से पांच को लाया गया, जिनको मृत घोषित कर दिया गया।
पापा दीदी हमें छोड़कर चली गईं...
हादसे में आजमगढ़ के रानी की सराय की पूजा अग्रवाल की मौत के बाद रोते-बिलखते जब उसके पिता पहुंचते तो मृतक के भाई का धैर्य टूट गया। भाई ने पिता को गले लगाते हुए जोर-जोर से रोकर कहा कि पापा दीदी हमें छोड़कर चली गई। इसके बाद वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं।