फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दर्दनाक: 'कान्हा एक बार तो दिख जाओ बेटा...' अस्पताल से मर्चरी तक बेटे को ढूंढता रहा बेबस पिता, पर मिला नहीं वो

Sat, 09 Dec 2023 11:55 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, मऊ

सार

मऊ में हल्दी की रस्म पूरी करने जा रही महिलाओं पर दीवार गिर गई। हादसे में दो बच्चे समेत छह की मौत हो गई। जबकि 16 गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद इन घायलों को जिला अस्पताल के अलावा दो निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
विज्ञापन
मऊ दीवार हादसा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश के मऊ जिले की घोसी कोतवाली इलाके में हल्दी की रस्म के दौरान दीवार गिरने से दो बच्चे और चार महिलाओं की मौत हो गई। घटना का सबसे बड़ा कारण साढ़े तीन फीट की गली और जर्जर दीवार बनी। 
विज्ञापन


घोसी कोतवाली क्षेत्र के मदापुर समसपुर स्थित असकरी मेमोरियल स्कूल के पीछे सकरे रास्ते के पूर्वी छोर पर तसौवर खान और ग्यासुदीन आदि का खाली प्लाट है। जहां एक दीवार बनी थी। यह दीवार करीब 16 फीट ऊंची, 20 फीट लंबी थी। दीवार से सटे ही दक्षिण-पूरब पर एक पोखरी है। 

घोसी कोतवाली के स्टेशन रोड निवासी बृजेश गुप्ता के बेटे बालेंदु की शादी नौ दिसंबर को तय हुई थी। बरात जाने से एक दिन पहले शुक्रवार को हल्दी की रस्म अदा करने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं, रिश्तेदार, पड़ोसी जा रहे थे। इस बीच दूल्हे के साथ उनकी मां और पिता पहले ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए थे। 
विज्ञापन


महिलाएं पीछे से गीत गाते चल रही थीं। इसी दौरान दीवार के पूर्वी तरफ रखी मिट्टी और बालू के दबाव से दीवार अचानक ढह गई। इसकी जद में महिलाएं आ गईं। आसपास के लोग हादसे की सूचना पर एकत्रित हो गए और मलबा से घायलों को निकालने का प्रयास करने लगे। 

इसी बीच घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम सुमित कुमार सिंह, सीओ घोसी दिनेश दत्त मिश्रा दल बल के साथ मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में जुट गए। दो जेसीबी से दीवार का मलबा हटाने का कार्य शुरू हुआ। हादसे में दो बच्चों समेत चार महिलाओं की मौत हो गई।



 

कान्हा एक बार तो दिख जाओ बेटा... 
हादसे के बाद अस्पताल आने वालों ने बताया कि जिस रास्ते से लोग हल्दी रस्म के बाद दूसरी रस्म पूरा करने के लिए जा रहे थे। जहां पर हादसा हुआ वहां मात्र करीब तीन फीट की गली थी। अचानक दीवार गिरने से वहां अफरातफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रस्म में जाने वालों की कुल संख्या 50 से अधिक बताई जा रही थी। अस्पताल में आने वालों लोग अपने परिजन का नाम पुकारते रहे। उसी रस्म में कान्हा नाम का एक लड़का भी था। जिसका देर शाम तक पता नहीं चला। उसका पिता जिला अस्पताल के आपातकाल से लेकर मर्चरी हाउस में कान्हा- कान्हा का नाम लेकर पुकारता रहा।

अस्पताल में नेताओं का लगा रहा जमावड़ा
घोसी की घटना के बाद जिला अस्पताल में सभी दलों के नेताओं का जमावड़ा लगा रहा। मौके पर भाजपा नेता योगेंद्र नाथ राय, संताेष सिंह, घोसी के पूर्व ब्लाक प्रमुख सुजीत सिंह, घोसी विधायक सुधाकर सिंह, भाजपा जिला पंचायत सदस्य अखिलेश राजभर आदि पहुंचे थे। सभी ने घायलों व मृतक के परिजन का ढ़ांढ़स बधाया।
विज्ञापन

एंबुलेंसकर्मियों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
घटना के बाद घायलों को जिला अस्पताल से लेकर कई अन्य अस्पताल ले जाने में एंबुलेंस कर्मियों की सबसे अधिक महत्वपूर्ण भूमिका रही। सेवा प्रदाता कंपनी की तरफ से भी एंबुलेंस को लगा दिया गया था। चालक और ईएमटी ने घायलों को अस्पताल लाने के बाद पूरी तत्परता से घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। एक तरफ जहां पुलिस घटना की जानकारी लेती रही वही एंबुलेंस कर्मी मृ़तकाें को भी मर्चरी हाउस ले जाते दिखे।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें