मऊ। मधुबन तहसील के बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा करके देवारावासियों की दुश्वारियां देखने जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेश पासी देवारा क्षेत्र में गए। उन्होंने गजियापुर के पास हाल ही में क्षतिग्रस्त बंधे का निरीक्षण किया। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता से उसकी मरम्मत कराने को कहा। फिर आगे बढ़ गए। आगे जनपद की सीमा पर स्थित परसिया बांध पर गांव और आस के लोग मंत्री जी का इंतजार कर रहे थे। गजियापुर से मंत्री की काफिला आगे बढ़ा तो लगभग दस किलोमीटर का फासला तय करके परसिया पहुंचा। आगे आगे जा रही एसएचओ की गाड़ी महिलाओं की भीड़ और भाजपा नेताओं को बंधे पर खडे देख धीमी हुई लेकिन फिर कुछ संकेत मिलते ही आगे बढ़ गई और पीछे से मंत्री जी का काफिला दनदनाता हुआ आगे चला गया। घंटों से इंतजार कर रहे लोगों को घोसर निराशा हुई। मंत्री जी को अपने गांव और देवारा की मुसीबतें बताने के लिए पार्टी के कार्यकर्ता भी घंटों से उनकी राह ताक रहे थे। पार्टी के नेताओं द्वारा गांव के गरीब महिलाओं और पुरुषों को यह भरोसा दिया गया थाकि मंत्री जी आएंगे आप लोगों के सुख दुख सुनेंगे, बाढ़ से तबाही के बारे में जानकारी लेंगे। देवारावासियों की मुश्किलों को जानकर मुख्यमंत्री को बताएंगे और उसके अनुसार मुख्यमंत्री देेेवारावासियों के कल्याण के लिए कुछ निर्णय लेंगे, नीतियां बनाएंगे। लेकिन एक झटके में देवारावासियों की उम्मीदों पर पानी फिर गया और उनकी आंखों के सामने से जनपद के प्रभारी मंत्री का काफिला आगे निकल गया और गांव के लोग ताकते रह गए। और तो और पार्टी के कार्यकर्ता भी मंत्री के इस रुख से हैरत में पड़ गए। इस बारे में प्रधानपति ओमप्रकाश लीडर, जयश्री यादव, अमरेश यादव, रामजी राम , सुरेश प्रसाद और गुड्डू सहित काफी ग्रामीणों ने बताया कि चार घंटे से गांव के लोग मंत्री जी को अपनी पीड़ा बताने के लिए इंतजार कर रहे थे। लेकिन उन्होंने लोगों की बातें सुनने के लिए पांच मिनट का समय नहीं दिया। इस संबंध में भाजपा के जिला महामंत्री राधेश्याम सिंह का कहना था कि परसियों में रुकने का मंत्री जी का कार्यक्रम नहीं था। इसलिए नहीं रुके।