मतदान के पूर्व कलेक्ट्रेट पर अपने बूथों की जानकारी हासिल करते मतदानकर्मी।
आखिरकार इंतजार की घड़ियां खत्म हो गईं। जिस मतदान का लोगों को बेसब्री से इंतजार था, वह शनिवार की सुबह सात बजे से प्रारंभ होगा और शाम पांच बजे तक चलेगा। मऊ के लोग शनिवार को अपना विधायक चुनने के लिए वोट करेंगे। विजेता का फैसला 11 मार्च को मतगणना के बाद होगा। चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी निखिलचंद शुक्ल एवं पुलिस अधीक्षक मुनिराज ने शुक्रवार की रात में ही तैयारी पूरी कर ली। पोलिंग पार्टियां शाम को ही अपने-अपने मतदान केंद्रों पर पहुंच गईं। जिले में कुल चार विधानसभा सीटें हैं। इन सीटों पर 57 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। लगभग 15.79 लाख वोटर शनिवार को अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान के लिए 882 केंद्र बनाए गए हैं।
निष्पक्ष मतदान के लिए जिले को जोन और सेक्टरों में बांटा गया है। क्षमता और संवेदनशीलता के आधार पर मतदान केंद्रों को 11 श्रेणियों में बांटा गया हैं। साथ ही 97 सेक्टर बनाए गए हैं। मतदान की अवधि में अर्धसैनिक बलों के अलावा यूपी पुलिस, होमगार्ड के साथ ही जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं माइक्रो आब्जर्वर तैनात रहेंगे। उप जिला निर्वाचन अधिकारी शिवकुमार वर्मा ने बताया कि 15.79 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसमें के सदर विधान सभा क्षेत्र में 4,38,984 मतदाता हैं। इसी प्रकार मधुबन में 3,76,450, घोसी में 4,07,690 तथा मुहम्मदाबाद गोहना में 3,56,252 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
सकुशल और सुचारू मतदान के लिए सभी 1580 मतदेय स्थलों पर एक पीठासीन अधिकारी एवं तीन मतदान अधिकारी के साथ सुरक्षा कर्मी शुक्रवार देर शाम तक पहुंच गए। दस फीसदी पोलिंग पार्टियों को रिजर्व में रखा गया है। हर जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ एक-एक विडियोग्राफर एवं हैंडीकैम टीम नजदीकी मतदान केंद्रों पर हर छोटी-बड़ी गतिविधियों को कैद करने के लिए रखी गई। शनिवार को सुबह सात बजे से मतदान शुरू होगा। इसके पूर्व हर पोलिंग बूथ पर माइक्रो आब्जर्वर की मौजूदगी में पोलिंग पार्टियों को अनिवार्य रूप से मॉक पोल करना होगा। जिलाधिकारी ने बताया कि मतदान एवं सुरक्षा व्यवस्था की हर तैयारी पूर्ण कर ली गई है। पोलिंग पार्टियां मतदान समाप्ति के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच ईवीएम स्ट्रांगरूम में लाकर जमा करेंगी।