कर्मचारी संयुक्त परिषद के तत्वावधान में राज्य कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन किया।
इस दौरान धरनारत लोगों ने कहा कि नई पेंशन व्यवस्था हटाकर पुरानी व्यवस्था फिर लागू की जाए।
जिला संयोजक रामाश्रय यादव ने कहा कि सरकार के उपेक्षित रवैए से राज्य कर्मचारियों की मांगें वर्षों से लंबित पड़ी हैं।
कहा कि केंद्रीय कर्मचारियों की भांति राज्य कर्मचारियों को सभी भत्ते दिए जाएं। 8, 16, 24 वर्ष की कुल सेवा पर अगले पद का ग्रेड वेतन दिया जाए। पीजीआई सहित अन्य मेडिकल कालेजों मेें कैशलेस सुविधा प्रदान की जाए।
संविदा, मानदेय, आउटसोर्सिंग, ठेकेदारी प्रथा बंद कर सभी कर्मचारियों को राज्य कर्मचारी बनाया जाए। राज्य कर्मचारियों को ग्रेच्युटी 10 लाख दी जाए।
इसी क्रम में सीताराम कुशवाहा ने कहा कि नई पेंशन नीति को समाप्त कर पुरानी व्यवस्था बहाल किया जाए। कहा कि सरकार वार्ता में केवल आश्वासन ही दिया जाता है। निस्तारण न करने की जहमत तक नहीं उठाया जा सका है।
जिससे प्रदेश का कर्मचारी अपने आपको अछूता महसूस कर रहा है। कड़ी मेहनत करने के बाद भी राज्य कर्मचारियों को न्याय नहीं मिल पा रहा है।
कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन तेज करने को बाध्य हो जाएंगे। धरने को विशिष्ट बीटीसी वेलफेयर शिक्षक एसोसिएशन ने भी धरने को समर्थन दिया।