आगे कहा कि वक्फ तो केवल बहाना था, असली उद्देश्य मुर्शिदाबाद को हिंदू शून्य बनाना था। इस उन्मादी जिहादी भीड़ ने हिंदुओं के 200 से अधिक घरों और व्यावसायिक दुकानों को लूटकर जलाया, सैकड़ो हिंदुओं को बुरी तरह घायल किया व तीन नागरिकों की निर्मम हत्या की गई। परिणाम स्वरूप 500 से अधिक हिंदू परिवारों को मुर्शिदाबाद से पलायन करना पड़ा। उनके पास जाकर उनकी चिंता एवं सहायता करने की अपेक्षा ममता बनर्जी दंगा भड़काने वाले इमामो से मिल रही हैं। ममता अब शरणार्थियों को सुविधा देने की जगह उनको वापस जेहादियों के सामने जबरन परोसने का षड्यंत्र कर रही हैं।
कहा कि ममता सरकार भारत के संघीय ढांचे को बंगाल में ध्वस्त कर अपनी सरकार और वोट बैंक को सुरक्षित रखने के लिए किसी भी सीमा तक जा सकती है। बंगाल में राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में आ चुकी है ।बांग्लादेशी व रोहिंग्या घुसपैठियों को निर्बाध रूप से आने दिया जा रहा है। उनके आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं।इससे हिंदू का अस्तित्व खतरे में पड़ चुका है।
कानून व्यवस्था पूर्ण रूप से नष्ट हो चुकी है। इस दौरान जिलाध्यक्ष पारसमणी सिंह, जिला उपाध्यक्ष राम प्रवेश सिंह, जिला मंत्री अंकित बरनवाल, जिला सेवा प्रमुख मधु पांडेय, जिला मंत्री चंदन शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष प्रवीण गुप्ता, जिला गोरक्षा प्रमुख बबलू गोड़, जिला संयोजक प्रियांशु सिंह, तेजस हिमांशु, अंशु, अनमोल सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।