त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही चुनाव आचार संहिता का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन जगह-जगह दावेदारों के बैनर पोस्टर से चट्टी चौराहे पटे हैँ। अभी किसी को चुनाव चिह्न आवंटित नहीं हुआ है। इसके चलते होर्डिँग वार से ही दावेदार मैदान मारने के फिराक में हैं। खाली जगह पाकर दावेदार सरकारी भवन एवं सरकारी संपत्तियों का भी ख्याल नहीं कर रहे। इसे हटवाने में प्रशासन को पसीने छूट रहे हैं।
सभी चट्टी चौराहों पर चुनाव आचार संहिता की धज्जी उड़ रही है। प्रत्याशी अपने पक्ष में चुनाव को करने के लिए बैनर पोस्टर युद्ध शुरू किए हैं। जबकि इस खर्च का कोई विवरण नहीं रख रहा। रात दिन लाउडस्पीकर से भी प्रचार प्रसार हो रहा है। इसका भी समय निर्धारित नहीं है। आए दिन बिजली सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर लोग सड़क पर उतर रहे हैं। कोई राजनीतिक लाभ तो कई समस्याओं को लेकर चुनाव आचार संहिता की धज्जी उड़ा रहा है।
जनपद में चुनाव आचार संहिता पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद से ही लागू हो गई। लेकिन चुनाव लड़ने वाले इच्छुक अपना प्रचार करने के लिए जगह-जगह बैनर पोस्टर लगा दिए। चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद भी किसी प्रत्याशी ने अपनी होर्डिंग पोस्टर को नहीं हटाया। यही नहीं बड़ी-बड़ी होर्डिंग लगाई भी जा रही है। इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी वैभव श्रीवास्तव का कहना है कि सभी एसडीएम को निर्देश दे दिए गए हैं कि वह होर्डिँग एवं पोस्टरों को हटवाएं।
जो प्रत्याशी नहीं मान रहे, उनके खिलाफ नोटिस भेजकर कार्रवाई कराएं। प्रत्याशियों को नोटिस जारी कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी दावेदारों से प्रचार प्रसार आचार संहिता का पालन करते हुए किए जाने की अपील की।