ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा कर बेचने वालों के विरुद्घ रिपोर्ट दर्ज
सरवां गांव के बंजर, भीटा, खेल के मैदान को दर्ज कराए थे समिति के नाम
डीएम के आदेश पर दर्ज हुई रिपोर्ट, दो नामजद, अज्ञात राजस्वकर्मी आरोपित
अमर उजाला ब्यूरो
मऊ। शासन के आदेश पर जिले में भू माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के क्रम में शनिवार को एक और मामला सरायलखंसी थाने में दर्ज कराया गया। इसमें दो लोगों को नामजद कर अज्ञात राजस्व कर्मचारियों को आरोपित किया गया है। नामजद किए गए दोनों पर आरोप है कि अभिलेखों में हेराफेरी कर आरोपियों ने ग्राम समाज की बंजर, पोखरा, भीटा और खेल के मैदान वाली जमीन पर कब्जा कर उसे प्लाटिंग कर बेचने का काम कर रहें थे।
सदर तहसील क्षेत्र और सरायलखंसी थाना क्षेत्र में मौजूद सरवां गांव में ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा करने के मामले में नामजद किए गए आरोपियों में संजय सिंह पुत्र रामबली सिंह सरायलखंसी थाने के रणवीरपुर गांव के निवासी है। इसी क्रम में दूसरा सत्या शास्त्री पुत्र अरुण सिंह देवरिया जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र के सिंधी मिल कालोनी के निवासी है। इसके अलावा अभिलेखों में हेराफेरी करने वाले अज्ञात राजस्व कर्मचारियों को नामजद किया गया है। डीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि आरोपीगण ग्राम समाज की 113 एकड़ जमीन पर कब्जा किए थे। जानकारी मिलने पर जांच कराई गई, इस दौरान पता चला कि जमींदारी विनाश के समय इन लोगों ने अभिलेखों में हेराफेरी कर अभिलेखों में अपना नाम इंद्राज करा लिया था। इसके बाद जमीन पर ईट भट्ठा, समितियां गठित कर कब्जा जमा लिया था। बाद में जमीन की प्लांटिंग कर उसे बेच रहें थे। जांच रिपोर्ट आने पर डीएम के आदेश पर क्षेत्रीय लेखपाल कृष्णा प्रभाकर ने सरायलखंसी थाने में इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र सौंपा। इस आधार पर पुलिस ने कूटरचित और धोखाधड़ी कर अभिलेखों में नाम दर्ज कराने और सरकारी जमीन को कब्जा करने की धारा में रिपोर्ट दर्ज किया।