कोपागंज कसबा के फुलेलपुरा मुहल्ले के आठ साल के एक बच्चे का अपहरण 20 जून को करके दरिंदों ने उसके कई टुकड़़े कर डाले ।उसके सिर को घोसी कोतवाली के निकट हाइवे के किनारे स्थित सीताकुंड़ में फेंक दिया । शरीर के अन्य छोटे छोटे टुकड़ों को हत्यारों ने अलग अलग स्थानों पर फेंक दिया। बच्चे का पिता पुलिस के पास दौड़़ता रहा, पुलिस उसे केवल झूठी दिलासा देती रही । हत्यारों ने बच्चे के मामा से 10 लाख की फिरौती के लिए इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया। सर्विलांस के माध्यम से पुलिस एक हफ्ते बाद तीन हत्यारों को पकड़़ पाने में कामयाब हो सकी। जबकि एक फरार बताया जा रहा है। पक़ड़े गए अपराधयों के निशानदेही पर घोसी के निकट रेलवे ट्रैक के पास से बच्चे का सिर बरामद किया गया।
शनिवार को एसपी कार्यालय में अपराधियों द्वारा दिए गए एसपी अनिल कुमार सिंह को बयान के अनुसार कोपागंज थाना से महज चार सौ मीटर की दूरी पर स्थित फुलेलपुरा मुहल्ला निवासी जहीर 8 वर्ष पुत्र हैदर 20 जून को दोपहर कसबे के पश्चिमी छोर पर काछी कला की सीमा में स्थित अपने लूम वाले कारखाने से घर लौट रहा था। कुछ ही दूर आगे बढ़ा था कि उसके एक परिचित युवक आजाद ने अपने घर में मोबाइल लाने के बहाने भेज दिया। ज्यों ही जहीर कमरे के अदर गया तभी आजाद यहित चार युवकों ने उसे अंदर ही दबोच ही लिया। इसके बाद जहीर नहीं लौटा । उसके घर वाले परेशान हो उठे। जहीर की तलाश करने के बाद उसके पिता रियाज कोपागंज थाने पहुंचे । उन्होंने अपने बेटे के गायब होने की तहरीर देकर उसे ढूढ़ने की गुहार लगाई। पुलिस ने रियाज की तहरीर को हल्के में ललिया और गुमशुदगी दर्ज कर उसे घर भेज दिया।
25 जून को शाम को 7084727683 मोबाइल नंबर से जहीर के मामा मुहम्मद अली की मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया । फोन करने वाले ने मु. अली से जहीर को छोड़ने के एवज में 10 लाख रुपये फिरौती की मांग की। बच्चे के मामा ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने फोन नंबर को सर्विलांस पर लगाकर अपहर्ताओं के लोकेशन का पता लगाया। अपहर्ता कोपागंज कसबे के ही जहीर के पड़ोसी निकले। पुलिस ने इस प्रकरण में शामिल रियाज , आजाद और अब्दुल सलाम को गिरफ्तार कर लिया। गिरफतार किए गए बदमाशों से जब पुलिस ने पूछतार्छ करनी शुरु की तो पहले तो इन सबने घटना में शामिल होने से ही इनकार किया लेकिन जब उन्हें सर्विलांस की मदद से जुटाए गए साक्ष्यों को दिखाया तो वे टूट गए और घटना में शामिल होना स्वीकार कर लिया। बदमाशों ने बताया कि जिस दिन जहीर को उठाए थे उसी दिन उसे गला दबाकर मार दिया गया क्योंकि उसने उन्हें पहचानने की बात कहते हुए अपने घर वालों को बताने की धमकी दी थी। हत्यारों ने रात में उसके शव के कई टुकड़़े कर डाले और उसे बोरे में भरकर घोसी के निकट रेलवे ट्रैक और कई अन्य स्थानों पर फेंक दिया।बदमाशों की निशानदेही पर पुलिस ने रेलवे ट्रैक के पास से बच्चे के सिर को बरामद किया। लेकिन काफी प्रयास के बाद अन्य अवशेषों को तलाश पाने में पुलिस नाकाम रही। घटना का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्ष्रक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि इस जघन्य अपराध ने हत्यारों ने एक और साथी को शामिल होना बताया है। पुलिस उसके तलाश में जुटी हुई है। एसपी ने बताया कि हत्यारों के विरुद्घ गंभीर अपराधिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इनके विरुद्घ 7 क्रीमिनल ला एमेडमेंट भी लगाया जाएगा।