दोहरीघाट। कोटे की दुकान बहाल किए जाने से नाराज हिमांशु चौहान बृहस्पतिवार को दोहरीघाट नगर पंचायत कार्यालय परिसर स्थित जल निगम की टंकी पर दोपहर 2 बजे चढ़ गया। वह टंकी से नीचे कूदकर जान देने की बात कह रहा था।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। करीब तीन घंटे तक समझाने के बाद घोसी तहसीलदार अनीश सिंह के आश्वासन पर शाम पांच बजे वह नीचे उतरा।
इससे एक दिन पहले बुधवार को भी हिमांशु घोसी नगर पंचायत के मझवारा मोड़ स्थित गांधी प्रतिमा के पास बैनर लेकर अकेले धरने पर बैठा था। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस उसे कोतवाली ले गई थी। बाद में समझा-बुझाकर छोड़ दिया गया था।
दोहरीघाट ब्लॉक के तारनपुर गांव निवासी हिमांशु चौहान ने सात मई को डीएम को प्रार्थनापत्र देकर कोटेदार रीता देवी के खिलाफ प्रति कार्ड दो किलो राशन की घटतौली की शिकायत की थी। शिकायत के बाद जांच के लिए टीम गठित की गई।
जांच टीम ने 29 कार्डधारकों के बयान दर्ज किए। इनमें 14 कार्डधारकों ने राशन में कटौती किए जाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि खाद्यान्न तौलने के बाद टिफिन से नापकर करीब दो किलो राशन निकाल लिया जाता है। वहीं 15 कार्डधारकों ने दुकानदार के पक्ष में बयान दिया था।
जांच के दौरान दुकान पर साइन बोर्ड, रेट बोर्ड, स्टॉक बोर्ड, उच्चाधिकारियों के मोबाइल नंबर और टोल फ्री नंबर भी अंकित नहीं मिले थे। इसके बाद विभाग ने दुकान को निलंबित कर दिया था।
हालांकि, इसी महीने दुकान को दोबारा बहाल कर दिया गया। हिमांशु का आरोप है कि अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच किए बिना राजनीतिक दबाव में आकर कोटे की दुकान बहाल कर दी। इसी से नाराज होकर उसने टंकी पर चढ़ने का कदम उठाया।
दोहरीघाट नगर पंचायत कार्यालय परिसर में बने ओवरहेड टैंक पर चढ़ा युवक।