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काम से हटाए जाने पर बैंक मित्रों का प्रदर्शन

Tue, 21 Apr 2015 11:51 PM IST
ब्यूरो, मऊ, अमर उजाला
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यूनियन बैंक की पहल पर बैंकिंग सेवाओं को गांव-गांव तक सुलभ कराने के लिए एक कंपनी की ओर से नियुक्त किए गए बैंकमित्रों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया।
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आरोप लगाया कि फिनो कंपनी की ओर से वर्ष 2010 में रखे गए 285 बैंक मित्रों को साजिश के तहत निकाला जा रहा है। यूबीआई ने भी कंपनी का मामला कहकर पल्ला झाड़ लिया है। इन बैंक मित्रों की तैनाती जिले के ग्रामीण इलाकों में हुई है। बैंक मित्र ग्रामीणों को बैंकिंग की सेवाएं उनके घरों तक पहुंचाते रहे हैं।


यूबीआई की पहल पर जिले में ग्रामीण इलाकों के लोगों के  बैंक खाते खोलने, रुपये जमा करने, रुपये निकालने सहित अन्य बैंकिंग सेवाओं को सुलभ कराने के लिए एक कंपनी को अधिकार दिया गया। यूपी में फिनो नामक कंपनी ने साल 2010 में इसके लिए गंाव-गांव में बैंकमित्रों को मानदेय पर रखा।
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लेकिन इस बीच इन युवाओं को रिजाईन करने का फरमान सुना दिया गया। इन युवकों के अनुसार फिनो कंपनी के अधिकारियों ने उन्हें कहा कि अब यूबीआई ने उनकी सेवाएं लेने से मना कर दिया है।


जबकि यूबीआई का कहना है कि उससे इस प्रकरण का कोई लेना देना नहीं है। कलेक्ट्रेट पहुंचे बैंक मित्रों नेकंपनी अथवा बैंक के इस फरमान पर विरोध जताया और अपनी मांगों से सबंधित ज्ञापन सौंपा।


 इन बैंक मित्रों का कहना था कि पिछले छह सालो से वे ग्रामीण इलाकों में बेहतर सेवाएं दे रहे थे। अचानक कंपनी ने उन्हें हटाने का निर्णय ले लिया।


 इनका ये भी आरोप है कि कंपनी उन्हें हटाकर उनके स्थान पर अन्य लोगों की तैनाती के लिए सुविधा शुल्क ले रही है। दूसरी तरफ बैंक के प्रमुख मैनेजर गिरीश चंद्रा का कहना है कि यह मामला नियुक्ति करने वाली एजेंसी से जुड़ा हुआ है। स्थानीय बैंक प्रबंधन से इसका कुछ लेना देना नहीं है।


 विरोध प्रदर्शन कने वालों में अरविंद यादव, राजेश कुमार , बृजलरल, राम ध्यान , राम प्रीत, आनंद त्रिपज्ञठी, लालपरीक्षा , सत्यभामा, आभा हिं, नीतू सिंह आदि मौजूद रहे।
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