मऊ जिला मुख्यालय स्थित उप्र बीज प्रमाणीकरण संस्था पुनर्स्थापित होगी। शासन की तरफ से उप निदेशक की तैनाती कर दी गई है।
इससे जिले के बीज उत्पादक किसानों को काफी फायदा मिलेगा। इससे किसानों में खुशी है।
शासन की तरफ से वर्ष 2006 मेें करोड़ों की लागत से बीज प्रमाणीकरण संस्था का प्रयोगशाला तथा संभागीय कार्यालय स्थापित किया गया। इससे मऊ, बलिया, गाजीपुर, आजमगढ़ के बीज उत्पादक किसानों को लाभ मिल रहा था। विभागीय उदासीनता तथा व्यापक पैमाने पर प्रचार प्रसार न होने के चलते संस्था घाटे में चलने के चलते वर्ष 2016 में पीलीभीत स्थानांतरित कर दिया गया था। साथ ही वाराणसी संभाग से संबद्ध कर दिया गया था।इससे बीज उत्पादक किसानों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा था।इस मामले में कोपागंज ब्लाक क्षेत्र के सहरोज निवासी भाजपा नेता राघवेंद्र राय शर्मा ने मुख्यमत्री को पत्र भेजा था। शासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बीज प्रमाणीकरण संस्था के निदेशक से रिपोर्ट मांगा। जवाब में निदेशक डॉ. ओमवीर सिंह ने बताया है कि उत्तर प्रदेश राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था वाराणसी संभाग के मऊ इकाई को पूर्ण रूप से विकसित कराते हुए संचालित किया जाना है। जिसका उत्तरदायित्व संबंधित संभाग के प्रभारी उपनिदेशक का होगा। प्रभारी उपनिदेशक द्वारा इस प्रकार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए कि बीज उत्पादन क्षेत्र में बढ़ोत्तरी हो। साथ ही बीज उत्पादन में किसान आत्मनिर्भर हो सकें। निदेशालय से संस्था के उप निदेशक की तैनाती की गई है। वाराणसी संभाग के मऊ इकाई को पूर्ण रूप से विकसित करने के शासन के फरमान से जिले के किसानों में हर्ष का माहौल है। इस बाबत उप्र बीज प्रमाणीकरण संस्था के नवनियुक्त उप निदेशक सुभाष यादव का कहना है कि बीज उत्पादन क्षेत्र में जिले को अग्रणी बनाने के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है।