जिला प्रशासन की ओर से नकल रोकने के लिए की जा रही तमाम कवायद के बाद भी कई परीक्षा केंद्रों पर जमकर नकल हो रही है। कहीं कक्ष निरीक्षक मूकदर्शक बने रहे, तो कहीं परीक्षार्थियों के सहयोगी बने रहे। इन सबके बीच परीक्षार्थियों की भी बल्ले-बल्ले रही। जबकि डीएम का कहना है कि नकलविहीन परीक्षा संपन्न कराने के उपाए किए गए हैं।
बोर्ड परीक्षा के एक दिन बाद प्रशासन की ओर से नकल रोकने के लिए लगभग सभी परीक्षा केंद्रों पर नजर रखने के लिए अधिकारियों व कर्मचारियों कोनामित किया गया है।
प्रशासन की ओर से नकल रोकने के लिए अभियान चलाया तो जा रहा है, लेकिन हाथ कुछ नहीं लग रहा है। कई परीक्षा केंद्रों पर जमकर नकल कराने का खेल जारी है। पहली पाली मेें हाईस्कूल गणित के प्रश्न पत्र को कई केंद्रों पर बोलकर हल कराया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में बनाए गए कई केंद्रों पर व्यवस्थित ढंग से नकल कराई गई। कक्ष निरीक्षकों का हाल यह था कि वे मूकदर्शक बने रह रहे हैं, या खुद ही इस खेल में शरीक दिखायी दिए। गत 18 फरवरी को मुहम्मदाबाद गोहना स्थित एक केंद्र पर सेक्टर मजिस्ट्रेट व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नकल कराने में संलिप्त एक कक्ष निरीक्षक को कार्यमुक्त किया था।
जबकि गत 20 फरवरी को जिलाधिकारी ने नकल कराने में संलिप्त परदहां ब्लाक क्षेत्र के एक केंद्र व्यवस्थापक को कार्यमुक्त कर एफआईआर दर्ज कराने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिया था। सूत्रों की मानें तो नकल माफियाओं की तगड़ी व्यवस्था का आलम यह था कि उड़ाका दल या जिलास्तरीय अधिकारियों के परीक्षा केंद्र से पहुंचने से पहले ही मोबाइल से सूचना पहुंचा दी जा रही थी। हर अजनबी पर पैनी नजर रखी जा रही थी।
परीक्षार्थियों ने मौका का पूरा फायदा उठाया और कहीं कोई कसर नहीं छोड़ी। पूरे वर्ष जी जान से जुटकर पढने वाले परीक्षार्थी इस व्यवस्था से काफी दुखी दिखे। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव का कहना है कि नकलविहीन परीक्षा संपन्न कराने के लिए सभी उपाय किए गए हैं। अब तक शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा चली है।