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बिन बरसे ही निकल गए बादल, मायूसी

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आसमान में बादलों की अठखेलियां जारी रहीं। बादलों को देख लोग बारिश की आस लगाए रहे। - फोटो : mau
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 बुधवार को दिन भर आसमान में बादल तो छाए रहे लेकिन बारिश नहीं होने से लोग मायूस रहे। हल्की धूप होने से राहगीरों को राहत तो थी, लेकिन गर्मी व उमस के के चलते लोग बेहाल रहे। वहीं मंगलवार की रात कई इलाकों में हुई बारिश के चलते ग्रामीण इलाकों की सड़कों पर जलजमाव होने से आना जाना मुश्किल हो रहा था। किसान बारिश की आस में आसमान में नजर गड़ाए रहे।        
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जुलाई माह बीतने को है लेकिन बारिश न होने से सूखे की स्थिति उत्पन्न हो गई है। बुधवार को आसमान में बादल तो उमड़ते घुमड़ते रहे लेकिन बरसात की एक भी बूंद आसमान से नहीं टपकी। बरसात के न होने से किसान तो अपनी धान की फसल को लेकर परेशान हैं ही तालाबों, के सूखने से पशु पक्षी भी बेहाल हैं। नहरों में मानक के अनुरूप पानी न छोड़े जाने तथा अघोषित बिजली कटौती के चलते रोपाई कार्य में तेजी नहीं आ पा रही है। गर्मी व उमस से लोगों का बुरा हाल रहा। किसानों की अगेती धान की नर्सरी तैयार तो है, लेकिन बारिश न होने से रोपाई पर असर पड़ रहा है। गांवों में भगवान इंद्र को प्रसन्न करने के लिए मंदिरों में पूजन अर्चन शुरू हो गया है। उधर मंगलवार को कई इलाकों में हुई बारिश के चलते गड्ढ़े में तब्दील सड़कों पर जलजमाव से आना जाना मुश्किल हो रहा था। बार-बार वोल्टेज कम अधिक होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रतनपुरा संवाददाता के अनुसार  मौसम अनुकूल न होने से क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में रोपाई काफी धीमी गति से चल रही है।
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अभी तक मक्का, बाजरा, अरहर आदि फसलों की बुआई नहीं हो पाई है। धान की नर्सरी तैयार है, पानी के अभाव में किसान रोपाई नहीं कर पा रहे हैं। नहर तथा राजकीय नलकूप बेकार पड़े हैं। किसान नेता नरेंद्र सिंह, राकेश सिंह, रामाश्रय यादव, अशोक यादव, चंद्रजीत राजभर ने जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है।
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