दोहरीघाटस्थित अंतराष्ट्रीय मातेश्वरी महाधाम में चल रहे नौ दिवसीय त्रिदेव सदगुरु महाशक्ति अखण्
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दोहरीघाट। कस्बा स्थित मातेश्वरी शक्ति पीठ पर चल रहे त्रिदेव सद्गुरु महाशक्ति अखंड महायज्ञ के तीसरे दिन सद्गुरु महाराज ने कहा कि अगर तेरा मन शुद्ध नहीं, वचन शुद्ध नहीं, बाणी पर लगाम नहीं तो फिर पूजा पाठ, दान पुण्य करना सब बेकार है, इसलिए सत्कर्म करो फिर सत्संग करो। इसके लिए सद्गुरु के शरण में जाना होगा जो तुम्हे सन्मार्ग के रास्ते पर ले जाएगा। कहा कि मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता स्वयं होता है। प्रत्येक मनुष्य का भाग्य उसके साथ में ही होता है। आज के मानव द्वारा किया गया कार्य उसके कल भाग्य का होता है ।भाग्य साहसी व लगनशील व्यक्ति के पास ही होता है।इसलिए हिम्मत मत हारो, लगनशील बनो। आदिशक्ति मां तो यही चाहती हैं मेरा बेटा लगनशील हो, आस्थावान हो, आस्था बड़ी प्रबल चीज होती है। सद्कर्म धन से अर्जित नहीं किया जा सकता। भौतिक सुख सुविधा मिल सकती है। दुनियां का भ्रमण कर सकते हो, लेकिन सद्गुरु नहीं पा सकते। इसके लिए प्रभु के प्रति समर्पण भाव होना चाहिए। सत्संग की परिभाषा समझनी होगी। तब सद्गुरु तुम्हे मिलेंगे। तुम आओ तो सही तुम एक कदम सद्कर्म को बढाओगे त्रिदेव तुम्हारा दस कदम मार्ग प्रशस्त करेगा। वहीं भजनों की संध्या ने जहां हजारों मातृभक्तो को भक्ति रस मे डुबो दिया। वही भाजपा के उपाध्यक्ष उपेंद्रनाथ शुक्ला महायज्ञ में शामिल हुए ।प्रवचन के अंत में आरती व प्रसाद वितरण किया गया।