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Mau News: एससी /एसटी एक्ट के मामले में दो को तीन-तीन वर्ष की सजा

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मऊ। विशेष न्यायाधीश एससी/ एसटी एक्ट हरेंद्र प्रसाद ने अनुसूचित जाति के व्यक्ति के साथ मारपीट करने गाली व धमकी देने तथा बलवा करने के मामले में नामजद दो आरोपियों को सुनवाई के बाद दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद दोनों को एससी /एसटी एक्ट में तीन-तीन वर्ष की सजा के साथ ही कुल 6-6 हजार रुपए अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला मधुबन थाना क्षेत्र का है।
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अभियोजन के अनुसार हृदय पट्टी गांव निवासी निरंजन पुत्र बालकरन की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई। इसमें गांव के ही टनटन सिंह पुत्र दयाशंकर सिंह व कृष्ण कुमार सिंह उर्फ केके सिंह पुत्र रंगी सिंह आदि को नामजद किया। वादी का कथन था कि 26 नवंबर 2004 को अपराह्न 1:30 बजे अपने खेत में पानी भराई कर रहा था। उसी दौरान आरोपीगण उसे जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली व धमकी देते हुए इंजन के हैंडल, फावड़ा व लाठी डंडा से मारेपीटे उसे बचाने उसकी पत्नी इंद्रावती और लड़की रीना आई तो आरोपियों ने उन्हें भी मारा पीटा।
पुलिस ने मामले की विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक ने कुल पांच गवाहों को पेशकर अभियोजन का पक्ष रखा। वहीं बचाव पक्ष से दो गवाहों को पेश कर तर्क दिया गया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण टनटन सिंह व कृष्ण कुमार सिंह को अनुसूचित जाति के व्यक्ति को मारने पीटने, गाली व धमकी देने तथा बलवा करने के मामले में दोषी पाया।
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दोषी पाए जाने के बाद दोनों को एससी/ एसटी एक्ट के मामले में तीन-तीन वर्ष की सजा के साथ ही 2-2 हजार रुपए अर्थदंड, मारपीट के मामले में एक-एक वर्ष की सजा के साथ एक हजार रुपए अर्थदंड और बलवा ,गाली तथा धमकी के मामले में क्रमशः 2-2 वर्ष की सजा के साथ ही 1-1 हजार रुपए अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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