मऊ। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के विरोध में राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत बड़ौदा यूपी बैंक आफिसर्स एसोसिएशन के तत्वावधान में बैंककर्मी सोमवार से दो दिन की हड़ताल पर चले गए। हड़ताली बैंककर्मी बड़ौदा यूपी बैंक, बैंक आफ बड़ौदा नरई बांध शाखा के सामने एकत्रित हुए और विरोध प्रदर्शन किया। बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के जिला मंत्री रामअवतार सिंह की मानें तो बैंककर्मियों की हड़ताल से दो सौ करोड़ का लेन देन प्रभावित रहा। वहीं हड़ताल के चलते व्यापारी, पेट्रोलपंप संचालक समेत आम लोग परेशान रहे। कई एटीएम बूथों पर ताला लगा रहा। जो बूथ खुले थे वहां रुपये निकालने के लिए लोगों की कतार लगी थी।
बैंकों की हड़ताल को कई संगठनों ने अपना समर्थन दिया। जिले के बैंकों में लगातार दो दिन के अवकाश के बाद सोमवार को बैंक अधिकारी तथा बैंक कर्मचारी दो दिन के हड़ताल पर चले गए जिससे बैंकों की शाखाओं पर ताला लटक गया। इसके चलते जमानिकासी न होने से कारोबार प्रभावित रहा। कारोबारियों के अनुसार न तो माल जा सका और न ही माल आ सका। औद्योगिक आस्थानों में स्थापित यूनिटों के संचालन पर असर पड़ा। खाता धारकों के खाते मेें धन होने के बाद भी वे नहीं निकाल सके। दवा सहित जरूरी सामान खरीदने के लिए कर्ज लेकर काम चलाना पड़ा। उधर बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों के शीर्षस्थ संगठनों के अखिल भारतीय संयुक्त मंच यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के तत्वावधान में बैंक अधिकारियों तथा बैंक कर्मचारियों ने बैंकों के निजीकरण के प्रयास के विरोध में विरोध प्रदर्शन किया। गाजीपुर तिराहे पर स्थित, बड़ौदा यूपी बैंक, बैंक आफ बड़ौदा नरई बांध शाखा के सामने बड़ी संख्या में बैंककर्मियों ने प्रदर्शन किया और सभा कर बैंक विरोधी नीतियों की आलोचना की।
सभा स्थल पर बैंककर्मियों ने सरकार के निजीकरण तथा प्रतिगामी बैंक के सुधारों को देश के व्यापक हितों के लिए अहितकारी बताया। सभा को उप्र बैंक कर्मचारी यूनियन के मंत्री रामअवतार सिंह, बालाजी मोदी, नरेंद्र कुमार सिंह, विक्रम राम, विनोद कुमार शर्मा, आतिफ उस्मानी, सूरज जायसवाल आदि ने संबोधित किया।
हड़ताल के चलते कई एटीएम बूथों पर ताला लगा रहा। जो एटीएम बूथ खुले थे वहां पैसे निकालने के लिए लोगों की लंबी कतार लगी थीं। कई जगहों पर एटीएम मेें पैसा न होने से लोगों को इधर उधर भटकते देखा गया।
इनसेट
हड़ताल तो दिन की, बैंक बंद हुआ चार दिन
मऊ। मांगों को लेकर बैंक कर्मचारियों की हड़ताल सोमवार और मंगलवार को रहेगी लेकिन देखा जाए तो बैंक चार दिनों तक बंद हो गए हैं। शनिवार को द्वितीय शनिवार के चलते और रविवार को साप्ताहिक अवकाश के चलते बैंक बंद रहे। इसबीच सोमवार और मंगलवार को हड़ताल होने से पुन: बैंक में ताला लग गया। हालांकि हड़ताल के बीच एडीएफसी और एक्सिस सहित अन्य प्राइवेट बैंक खुले रहे, लेकिन चेक का क्लीयरेंस का कार्य प्रभावित रहा। दूसरी तरफ आटो मोबाइल कारोबार और पेट्रोल पंप कारोबारी इन दिनों के कैश को लेकर काफी परेशान दिखे। क्योंकि हर दिन का कैश वे बैंक में जमा करते हैं।
इनसेट
क्या कहते हैं कारोबारी
लघु उद्योग भारती के पूर्व अध्यक्ष भरत थरड का कहना है कि दो दिनों से बैंकिंग कामकाज बंद रहा। लगातार दो दिनों की बैंककर्मियों की हड़ताल से ट्रांजेक्शन न होने से यूनिटों पर विपरीत असर पड़ रहा है। लगातार दो दिनों तक सरकार को हड़ताली बैंक अधिकारियों तथा कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इसी क्रम में उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिला महामंत्री गोपाल कृष्ण बर्नवाल का कहना है कि दो दिवसीय बैंक की हड़ताल से दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। न माल आ पा रहा है और न ही माल जा पा रहा है। बेवजह हड़ताल करने वाले बैंककर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही सरकार की तरफ से वैकल्पिक व्यवस्था बहाल की जाए।