जमीन के मुआवजे के लिए सड़क निर्माण का विरोध करने पर बुधवार को मऊ जिले के मानिकपुर हड़हुआ गांव के दो किसानाें को उपजिलाधिकारी घोसी ने जेल भेजवा दिया। घोसी तहसील क्षेत्र के मानिकपुर हड़हुआ, सोनाडीह के काश्तकारों की जमीन फोरलेन के लिए अधिग्रहीत की गई है। लेकिन मुआवजा कम सर्किल रेट से दिया जा रहा था। किसानों के विरोध करने पर सर्किल रेट में परिवर्तन किया गया। लेकिन आदेश के बाद भी संशोधित दर से अभी तक भुगतान नहीं किया गया।
इसका बुधवार को किसानों ने विरोध किया। इस दौरान मानिकपुर हड़हुआ गांव निवासी रामहरख सिंह उर्फ भरथ सिंह, बुद्धिराम सिंह ने कार्य बंद कराने का प्रयास किया। इसकी जानकारी होने पर एसडीएम घोसी आशुुतोष राय मौके पर पहुंचे और दोनों को फोरलेन निर्माण कार्य में बाधा डालने के आरोप में जेल भेजवा दिया। दोनों का शांति भंग की धारा में चालान कर दिया गया।
कोतवाली से चालान आने पर एसडीएम ने दोनों को जमानत नहीं दी। इस पर दोनों को जिला कारागार भेज दिया गया। उपजिलाधिकारी घोसी आशुतोष राय ने बताया कि दोनों फोरलेन निर्माण में अवरोध पैदा कर रहे थे। जबकि निर्माण कार्य अन्य स्थान पर हो रहा था।
बिना मुआवजा दिए यदि एनएचआई उनकी जमीन पर काम करती और काश्तकार काम रुकवाते तो समझ में आता। बताया कि मुआवजे की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। गाटा संख्या से मिलान कराने के बाद सभी को मुआवजे की रकम मिल जाएगी।