जिले का न्यूनतम तापमान रविवार को जहां छह डिग्री तक गिर गया वहीं दिन चढ़ने तक कोहरे की चादर छाई रही। गलनभरी ठंड जनपद में जानलेवा होती जा रही है।
रविवार को भूमि की पैमाइश कराने के लिए थाने में मदद मांगने पहुंचे एक वृद्ध की मौत हो गई, वहीं एक महिला ने भी ठंड लगने के कारण दम तोड़ दिया।
सरायलखंसी थाना के ताजोपुर गांव निवासी कपूरचंद (75) रविवार को लेखपाल एवं कानूनगो के साथ सरायलखंसी थाने पर पहुंचकर पैमाइश के लिए हो चुके आदेश की प्रति थानाध्यक्ष को सौंपने एवं फोर्स की मदद मांगने गया।
अभी वह बोलेरो से उतरा ही था कि पहले से ही लगी ठंड के चलते कांपने लगा। मौके पर मौजूद थानाध्यक्ष रामनरेश यादव सहित अन्य सिपाही वृद्ध को अलाव के समीप ले गए लेकिन वह गिर गया।
आनन फानन उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। इस संबंध में थानाध्यक्ष ने बताया कि बुजुर्ग अभी गाड़ी से उतरकर अपनी बात भी नहीं बता सका था कि ठंड के चलते गिर पड़ा।
लेखपाल एवं काननूगो ने पूरे प्रकरण से अवगत कराया तो उन्हें जानकारी हुई। उधर कोपागंज थाना क्षेत्र के मूंगमास गांव निवासी किसमी देवी(70) को सुबह अचानक ठंड लगी और वह कांपने लगी।
परिवार के सदस्य अभी उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी करते कि उसकी मौत हो गई। उधर, बर्फीले पहाड़ों से होकर पहुंची हवाओं के कहर ढाने के बाद रविवार को कोहरे और शीत लहर के कारण जनजीवन प्रभावित रहा।
ठंड के साथ गलन भी बढ़ गई है। सुबह लगभग सात बजे तक घना कोहरे होने के चलते लोग देर तक घर में ही दुबके रहे। मध्याह्न 12 बजे तक भगवान भास्कर के उदय न होने से लोग ठिठुरते नजर आए।
कई ट्रेेनों के विलंब से चलने की वजह से प्लेटफार्म पर लोग कांपते नजर आए। लोगों को कंपा देने वाली ठंड का एहसास होनेे के साथ ही जहां-तहां अलाव जलते देखा गया।
कोहरे का असर भोर में चलने वाले सवारी वाहनाें के संचालन भी पड़ा। कई दिनों से पड़ रही भीषण ठंड के बाद भी जिले के विभिन्न इलाकाें में प्रशासन की ओर से अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं की जा सकी है।
जिलाधिकारी की ओर से जिले के सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने का फरमान हवा में तैर रहा है। ठंड से मरने वालों का क्रम जारी है। इसके बावजूद आला अधिकारियों की तंद्रा नहीं टूट रही है।
जिले में कई दिनों से पड़ रही ठंड का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा। शनिवार को बर्फीली हवाओं के चलने से लोग ठंड से बेहाल थे।
शाम से ही एक बार फिर मौसम ने करवट लिया। रात से ही कोहरा पड़ने के चलते पारा और लुढ़क गया। दोपहर तक धूप न निकलने के कारण लोग पूरे दिन ठिठुरते रहे। वहीं सुबह कोहरे तथा सर्द हवा के चलते लोगों की दिनचर्या खासी प्रभावित रही।
रविवार का दिन होने के कारण वैसे भी बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ था। ठंड के चलते कुछ ही लोग सड़क पर नजर आए। भोर में चलने वाले सवारी वाहनों के संचालन पर असर पड़ने से लोगों को मुश्किलाें का सामना करना पड़ा। सुबह के समय अपने ड्यूटी पर जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।