मऊ। घोसी कोतवाली क्षेत्र के सोमरीडीह गांव में शनिवार की सुबह कोरोना संक्रमण रोकने के लिए बंद किए गए रास्ते को खुलवाने के लिए दोनों समुदाय के लोग आमने सामने हो गए। इस दौरान तू तू मय मय के बाद दोनों पक्षों में हाथापाई हुई, बाद में दोनों पक्षों के बीच पथराव हुआ। इस दौरान कुछ लोगों को मामूली चोटे भी आई। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे कोतवाल सच्चिदानंद यादव ने समझा बुझाकर दोनों पक्षों को शांत कराया। बाद में दोनों पक्षों से 22 लोगों को हिरासत में लेकर कोतवाली भेजे। बाद में सूचना मिलने पर सीओ घोसी अभिनव कन्नौजिया थानाध्यक्ष कोपागंज विनय सिंह को साथ लेकर पहुंचे। घटना की जानकारी लेने के बाद सीओ ने सभी को घरों में रहने की हिदायत दिया।
सोमरीडीह गांव में मुस्लिम अंसारी बस्ती के पास सटे दक्षिण राजभर बस्ती है। राजभर बस्ती के लोगों का मुस्लिम बस्ती के बीच से ही आना जाना रहता है। शुक्रवार की शाम को अंसारी बस्ती के लोगों ने रास्ते पर पत्थर, ईट पत्थर रख कर बंद कर दिया। जब राजभर बस्ती के लोगो ने पूछताछ किया तो कहा गया कि हम लोगों पर कोरोना फैलाने का आरोप लगा रहें हैं। आप सब भी आए जाएंगे तो कोरोना फैलेगा। इस लिए रास्ते को बंद कर दिया गया है।इस को लेकर शनिवार की सुबह11 बजे रास्ते से होकर आने जाने को लेकर विवाद होने लगा। तू तू मै-मै के बाद दोनों पक्षों में हाथापाई शुरू हो गई। उसके बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर ईट पत्थर चले। तभी किसी ने इसकी सूचना कोतवाल सच्चिदानंद यादव को दिया।
मौके पर पहुंची पुलिस सभी को डांट फटकार और समझा बुझाकर कर शांत कराया। कुछ लोगों ने बताया कि कुछ रोज पूर्व राजभर बस्ती के किसी ने लॉक डाउन में मुस्लिम अंसारी पक्ष के लोगों की समूह में बैठे की वीडियो बनाया था, इसको लेकर भी दोनों समुदाय में रोष था। ऐसी के चलते मुस्लिम पक्ष ने रास्ता बंद कर दिया था। सीओ घोसी अभिनव कन्नौजिया ने बताया कि आपसी गलतफहमी के चलते दो पक्षों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हुई थी। लेकिन पुलिस के पहुंचने के बाद मामला शांत हो गया। इस दौरान दोनों पक्षों के 22 लोगों को गिरफ्तार में लिया गया है। साथ ही उनके विरुद्घ संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज जेल भेजा गया है।