त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन शनिवार की देर शाम कर दिया गया। रविवार को साफ हुई स्थिति में अंतिम प्रकाशन में अनंतिम प्रकाशन से 33525 मतदाताओं की संख्या बढ़ी है।
यह संख्या बढ़कर अब पूरे जिले में 12,09,259 हो गई। 14 अगस्त को जारी अनंतिम प्रकाशन के बाद दावे आपत्तियों का निस्तारण किया गया। इसी के आधार पर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने हैं। वर्ष 2010 के चुनाव में यह संख्या 1392250 थी। इस बार फर्जी मतदाताओं पर अंकुश लगाने के बाद पहले से बढ़ने की बजाए मतदाताओं की संख्या कम हो गई।
जिले में मतदाता पुनरीक्षण का कार्य पिछले कई महीनों से ग्राम पंचायतों में चल रहा था। इसके लिए सभी ग्राम पंचायतों में बीएलओ एवं पर्यवेक्षक की तैनाती की गई थी।
पंचायत चुनाव को लेकर हुए मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम में भारी स्तर पर गड़बड़ी भी बीच में प्रकाश में आई। इसमें अधिकांश गांवों में जनसंख्या से अधिक मतदाता होने के चलते जिलाधिकारी ने 20 से अधिक बीएलओ को निलंबित किया था। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 14 अगस्त को मतदाता सूची का अनंतिम प्रकाशन हुआ था।
इसके बाद इस पर हजारों की संख्या में दावे और आपत्तियां डाली गई थी। मतदाता संख्या कम होने के पीछे निवारचन विभाग का मानना है कि पूर्व में डबल मतदाता के चलते यह संख्या अधिक थी लेकिन इस बार काफी सतर्कता बरती गई है। जिसका नाम सामान्य निर्वाचन में है या फिर निकायों की मतदाता सूची में नहीं है उसी का नाम लिया गया है। इसके चलते भारी संख्या में मतदाताओं की संख्या में कमी आई है।
शनिवार को अंतिम प्रकाशन के बाद निर्वाचन कार्यालय से लेकर तहसीलों एवं ब्लाकों पर मतदाता सूची को चस्पा किए जाने का कार्य रविवार तक होता रहा। चुनाव लड़ने वाले इच्छुक प्रत्याशी अपने-अपने ग्राम पंचायतों की सूची को लेकर मंथन करते नजर आए।