रानीपुर के गोकुलपुरा पुलिया पर मंगलवार को डेढ़ लाख रुपए की लूट का मामला फर्जी निकला। लूट की फर्जी कहानी खुद खुद मुनीब ने ही गढ़ी थी। पुलिस ने 24 घंटे के अंदर ही मुनीब से सच उगलवा लिया। यही नहीं उसके घर से तगादे के डेढ़ लाख रुपए भी बरामद कर लिए। बुधवार को उसे गिरफ्तार कर व्यापारी के समक्ष लाया गया। आरोपी ने स्वीकारा कि लालच के चलते उसने लूट की फर्जी कहानी गढ़ी थी।
रानीपुर थाना क्षेत्र के पलिया बाजार निवासी उदयभान जायसवाल की आटा मिल की चक्की सरायलखंसी थाना क्षेत्र के चकबभनीभार में है। उसका मुनीब वीरबहादुर यादव मंगलवार को तगादा के लिए रासेपुर गया था। यहां से वह तगादा करके लौट रहा था। मुनीब का कहना था कि गोकुलपुरा गांव के निकट स्थित पुलिया के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने तमंचा सटा कर उसके पास के डेढ़ लाख रुपए लूट लिए थे। जाते-जाते वह उसका मोबाइल भी लेते गए। बाद में उसकी सूचना पर मालिक उदयभान जायसवाल ने पुलिस को जानकारी दी। सूचना पर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह, सीओ राकेश मिश्र भी मौके पर जांच पड़ताल को पहुंचे थे।
जांच में प्रथम दृष्टयता मुनीब पर ही शक की सुई गई। जब पुलिस ने अपना तरीका अपनाया तो मुनीब ने स्वीकारा कि लूट साजिश उसी ने रची थी। ऐसा उसने पैसे की लालच में किया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उसके घर से लूट का डेढ़ लाख रुपये बरामद कर लिए । बुधवार को व्यापारी के समक्ष पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह ने घटना का पर्दाफाश किया और मुनीब वीरबहादुर को गिरफ्तार कर चालान कर दिया।