मऊ। राहुल सांकृत्यायन सृजन पीठ और जन संस्कृति मंच के संयुक्त तत्वावधान में डॉ. रामबिलास भारती के असामयिक निधन पर भुजौटी स्थित राहुल सांकृत्यायन सृजन पीठ के सभागार में आदरांजलि सभा का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ आंचल और जाह्न्वी ने श्रद्धांजलि गीत दुनिया से जाने वाले, जाने चले जाते हैं कहां... प्रस्तुत कर किया।
सभा की अध्यक्षता करते हुए पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक शिवचंद राम ने कहा कि डॉ. रामबिलास भारती केवल शिक्षक ही नहीं, बल्कि उच्च कोटि के साहित्यकार, पत्रकार और सामाजिक चिंतक भी थे। उन्होंने डॉ. बी.आर. आंबेडकर के विचारों का अनुसरण करते हुए समाज को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा को प्रमुख माध्यम बनाया। आर्थिक और पारिवारिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने जीवनभर समाज के सबसे निचले तबके तक शिक्षा पहुंचाने का प्रयास किया। उनके सपनों के समाज का निर्माण करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
डॉ. जयप्रकाश धूमकेतु ने डॉ. भारती को हाशिए के समाज का मजबूत स्तंभ, दलित विमर्शकार और आदर्श अध्यापक बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. भारती ने अपना संपूर्ण जीवन समता और बंधुत्व पर आधारित समाज के निर्माण में लगा दिया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. तेजभान ने किया। इस अवसर पर मनोज कुमार सिंह, सुभासपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. जितेंद्र भारती, डॉ. प्रफुल्ल चंद भारती, एडवोकेट प्रेमचंद कौशल, विश्वनाथ प्रसाद, ओमप्रकाश चंद्रा, फखरे आलम, डॉ. राम शिरोमणि, अखिलेश कुमार, मनोज कुमार, शरद चंद, विनीत प्रताप राय, ओमप्रकाश बागी आदि मौजूद रहे।