शुक्लौली नहर से पश्चिम सतना बाजार तक पांच किलोमीटर झाड़ियां से पटा
मऊ। बारिश के मौसम में सड़कों के किनारे तेजी से बढ़ी झाड़ियां अब वाहन चालकों के लिए मुसीबत बन गई हैं। जिले की दस से अधिक प्रमुख सड़कों पर झाड़ियां इतनी फैल गई हैं कि कई स्थानों पर सड़क के मोड़ और किनारे दिखाई देना मुश्किल हो गया है।
संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में सामने आया कि एक माह में झाड़ियों के कारण 15 से अधिक छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। इनमें अधिकांश घायल दोपहिया वाहन चालक हैं। झाड़ियों से बचने के प्रयास में ध्यान भटकने, अचानक दिशा बदलने या सामने से आ रहे वाहन से टकराने के कारण दुर्घटनाएं हुईं। राहत की बात यह रही कि वाहन चालकों ने दूर से झाड़ियां देखकर रफ्तार कम कर ली, जिससे अब तक बड़े हादसे टलते रहे।
स्थानीय लोग वंशरोपण गौड़, मुन्ना यादव, अंशु गुप्ता, राजू गुप्ता, सनेही यादव, पूर्व जिला पंचायत सदस्य संजय यादव, परमा यादव और प्रमोद सिंह का कहना है कि झाड़ियों की नियमित कटाई-छंटाई नहीं होने से समस्या लगातार बढ़ रही है। स्कूली बच्चों, किसानों और बाइक सवारों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ती है। शाम के बाद अंधेरा होने पर इन स्थानों पर दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है।
दो दिन पहले लाटघाट के पास अमिला आ रहे आजमगढ़ निवासी दीपक झाड़ियों से बचने के प्रयास में सामने से आ रही बाइक से टकरा गए। हादसे में दूसरी बाइक चला रहे सुल्तानपुर निवासी सुनील घायल हो गए।