जिला अस्पताल में बनकर तैयार ट्रामा विंग।
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जिला अस्पताल में दो साल बाद ट्रामा सेंटर और बर्न यूनिट ने काम करना शुरू कर दिया। गुरुवार को अस्पताल पहुंचे जिलाधिकारी और एसडीएम सदर ने वहां निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए। सालों से बंद पड़े ट्रामा सेंटर और बर्न यूनिट के बारे में जवाब तलब किया और उसे शुरू करने को कहा। जिस पर अस्पताल प्रशासन ने चिकित्सकों की तैनाती कर उसे शुरू कराया। अब यहरां गंभीर रूप से जले लोगों का उपचार किया जाना संभव हो गया है। हालांकि शुरुआत के बाद फिलहाल कोई मरीज नहीं पहुंचा था।
दोपहर एक बजे जिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी तथा सदर एसडीएम डॉ. अंकुर लाठर जिला अस्पताल पहुंचे। अगस्त 2018 में अस्पताल को हैंडओवर किए जा चुके ट्रामा विंग का निरीक्षण किया।डीएम ने सीएमएस डॉ. बृजकुमार को इसे संचालित करने का निर्देश दिया। इसके तुरंत बाद सीएमएस ने ट्रामा विंग के लिए डॉ. एपी गुप्ता और डॉ. सुबोध यादव की तैनाती कर दिया। इसी क्रम में डीएम ने दिसंबर 2016 में हैंडओवर किए जा चुके बर्नयूनिट की खस्ताहाल देखकर नाराजगी जताया। डीएम ने इसे संचालित करने का निर्देश दिया। डीएम के निर्देश के बाद वार्ड में बेड लगाने के साथ एक चिकित्सक की तैनाती की गई। इस दौरान डीएम ने ओपीडी, इमरजेंसी का भी निरीक्षण किया। ट्रामा सेंटर और बर्न यूनिट में इलाज होने से मरीजों का इलाज अब जिला अस्पताल में सुगतमा से हो सकेगा।
अभी तक ट्रामा सेंटर तथा बर्न यूनिट न शुरू होने से गंभीर रूप से घायल और आगलगी की घटना में झुलसे लोगों का प्राथमिक उपचार के बाद वाराणसी रेफर कर दिया जाता था। इस दौरान सीएमओ डॉ. सतीशचंद्र सिंह, सीएमएस डॉ. बृजकुमार सहित अन्य मौजूद रहे। सीएमओ ने बताया कि दोपहर दो बजे के बाद अस्तपाल बंद हो जाता है। एक बजे ट्रामा सेंटर और बर्न यूनिट की शुरुआत की गई। ऐसे में कोई मरीज नहीं पहुंच सका।