दोहरीघाट–इंदारा के बीच नवनिर्मित ब्रॉडगेज रेलखंड पर यात्री ट्रेनों का नियमित संचालन शुरू हुए करीब तीन वर्ष बीत चुके हैं। लेकिन अमिला रेलवे स्टेशन पर आज भी यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं नसीब नहीं हो सकी हैं।
स्टेशन पर स्वच्छ पेयजल, शौचालय, दिव्यांग यात्रियों के लिए रैंप और नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था न होने से यात्रियों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
आमान परिवर्तन के बाद अमिला रेलवे स्टेशन का नए सिरे से निर्माण कराया गया था। 18 दिसंबर, 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस रेलखंड का वर्चुअल शुभारंभ कर ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई थी।
वर्तमान में इस रेलखंड पर दो प्रमुख मेमू ट्रेनों का संचालन हो रहा है, जिनसे प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीण इलाज, शिक्षा, नौकरी और अन्य कार्यों के लिए मऊ और वाराणसी तक यात्रा करते हैं। इनमें सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों को हो रही है।
स्टेशन पर शौचालय नहीं होने के कारण महिला यात्रियों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। स्टेशन पर स्वच्छ पेयजल की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। लोग इंडिया मार्का हैंडपंप का पानी पीने को मजबूर हैं।
रैंप के अभाव में दिव्यांग और व्हीलचेयर से आने वाले यात्रियों को प्लेटफॉर्म तक पहुंचने में कठिनाई होती है। यात्रियों का कहना है कि स्टेशन भवन के नए सिरे से निर्माण के बाद भी आवश्यक सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है।
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित कुमार ने बताया कि इस संबंध में स्थानीय अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी। यात्री सुविधाओं को लेकर रेलवे निरंतर प्रयासरत है।
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रेल सेवा शुरू हुए काफी समय हो गया। लेकिन स्टेशन पर आज तक स्वच्छ पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं। यात्रियों को मजबूरी में परेशानी झेलनी पड़ रही है। -रमेश गुप्ता, अमिला
अमिला रेलवे स्टेशन क्षेत्र के हजारों लोगों की जरूरत बन चुका है। ऐसे में दिव्यांगों के लिए रैंप और महिलाओं के लिए शौचालय जैसी सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जानी चाहिए। -अभिषेक राय, मुहम्मदाबाद सिपाह
सरकार ने रेल सेवा शुरू कर क्षेत्र को बड़ी सौगात दी। लेकिन स्टेशन पर सुविधाओं के अभाव में यात्रियों को परेशानियां होती हैं। रेलवे प्रशासन को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। -रामाश्रय सिंह, थानीदास
प्रतिदिन सैकड़ों लोग इस स्टेशन से सफर करते हैं। बीमार मरीजों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। स्टेशन पर साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय और रैंप की व्यवस्था जल्द से जल्द होनी चाहिए। -डॉ. कमलेश सिंह, नवकापुरा