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गुजरात से श्रमिकों को लेकर पहुंची ट्रेन

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गुजरात से मऊ रेलवे स्टेशन पर पहुँचने के बाद ट्रेन से उतरकर कतार में स्क्रीनिंग के लिए खड़े यात्री - फोटो : MAU
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मऊ। गुजरात में फंसे यात्रियों के बड़े जत्थे को लेकर बृहस्पतिवार को स्पेशल ट्रेन रेलवे स्टेशन पर पहुंची। 22 बोगी वाली इस ट्रेन में 37 जिलों के यात्री सवार थे। इसमें 295 यात्री मऊ जिले के जबकि शेष यात्री अन्य जिलों के थे। इन यात्रियों को उनके गंतव्य तक भेजने के लिए 55 रोडवेज बसें लगाई गई थीं। बुधवार की शाम अहमदाबाद से चली ट्रेन बृहस्पतिवार की शाम 03.50 बजे यहां पहुंची। जिला प्रशासन ने यात्रियों का गमछा पहनाकर स्वागत किया और उन्हें भोजन पैकेट के साथ पानी मुहैया कराया। उधर, कई यात्री स्टेशन पर ट्रेन से उतरते ही भावुक हो उठे। कोरोना वायरस संक्रमण के फैलते प्रकोप को रोकने के लिए 22 मार्च को लॉक डाउन किया गया था। इसके बाद 15 अप्रैल को पुन: दो सप्ताह के लिए इसे बढाया गया। परिणाम रहा कि छोटी मोटी कंपनियां बंद हो गई। ऐसे में जीवन यापन करने के लिए गए गैर प्रांत गए श्रमिक तबके के सामने रोजी रोटी की समस्या खड़ी हो गई। इस बीच तीसरे चरण का लॉक डाउन तीन मई से शुरु हो गया। जो 17 मई तक चलेगा। तमाम हालात देखते हुए सरकार ने गैर प्रांतों में फंसे मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचने के लिए ट्रेन की व्यवस्था की। ऐसे में गुजरात में फंसे 12 सौ मजदूरों को लेकर स्पेशल ट्रेन मऊ पहुंची। 22 बोगी वाली ट्रेन में सोशल डिस्टेंसिंग की व्यवस्था के साथ यात्रियों को बिठाया गया था। स्टेशन अधीक्षक ददन राम ने बताया कि प्रत्येक बोगी में 56 -56 यात्रियों को बैठाने की व्यवस्था की गई है। जबकि जिला प्रशासन को भेजी गई सूची में 12 सौ यात्रियों के नाम नंबर थे। इसमें आगरा तक के यात्री शामिल थे। स्टेशन पर भगदड़ न हो इसके लिए ट्रेन को रोकने के बाद एक एक डिब्बे को आरपीएफ के जवानों ने खोला, इसके यात्रियों को एक एक डिब्बे से क्रमवार उतारा गया। प्लेटफार्म पर सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए गोला बनाया गया था। इससे होकर यात्री बाहर निकले। बाहर हाल में स्वास्थ्य विभाग की छह टीमें तथा श्रम विभाग की दो टीमें लगाई गई थी। जो यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग कर रही थी। साथ ही श्रम विभाग जिले के यात्रियों का श्रमिक में पंजीकरण कराने के लिए फार्म मुहैया करा रहा था। जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने स्टेशन से निकलने वाले पहले यात्री को खुद से गमछा पहनाकर स्वागत किया। साथ ही खाने का पैकेट और पानी मुहैया कराया। बताया कि इस बुरे वक्त में अपनी एक गृहस्थी को छोड़ घर लौटे लोगों को यह न लगें कि उनका आने पर किसी ने निरादर किया। इस दौरान सभी की थर्मल स्क्रीनिंग कराई गई। कहा कि जो संदिग्घ मिलेेगा, उसे स्वास्थ्य टीम रोक देगी। जबकि शेष को होम क्वारंटीन की हिदायत देकर घर रवाना किया जाएगा। डीएम ने कहा कि यदि किसी के पास रहने की दिक्कत हो तो वह बेझिझक प्रशासन को बताएगा, उसके रहने के लिए आश्रय स्थल में व्यवस्था की जाएगी।
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