मऊ। नगर के तमसा नदी के किनारे बने मऊ महादेव मंदिर और घाट निर्माण के बाद राष्ट्रीय फलक मऊ को एक अलग पहचान मिली है। जिसके कारण मऊ ही नही गोरखपुर, आजमगढ़, देवरिया, बलिया, गाजीपुर जिले के श्रद्धालु और पर्यटक यहां पर पहुंच रहे है।
मऊ महादेव घाट पर इन दिनों श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही तो बढ़ी है, लेकिन इसके साथ ही घाट का माहौल अराजकता की भेंट चढ़ता जा रहा है।
घाट पर आए दिन मारपीट, नाव संचालकों के बीच वर्चस्व की जंग और अश्लील वीडियो/रील्स बनाने को लेकर विवाद खड़े हो रहे हैं। इन घटनाओं से स्थानीय लोगों और दूर-दराज से आने वाले दर्शनार्थियों में भारी डर और रोष व्याप्त है।
महादेव घाट पर दिन और शाम में भीड़ में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा शुरू हो जाता है। कई बार छोटी- छोटी बात का विरोध करने पर विवाद मारपीट तक पहुंच जाता है। इस कारण भगदड़ की स्थिति बन जाती है। वहीं परिवार के साथ जाने वाले लोगों को शर्मशार होना पड़ता है।
पूर्वांचल के बड़े मंदिरों पर समिति के स्वयं के गार्ड सुरक्षा व्यवस्था के लिए होते हैं। मऊ महादेव मंदिर घाट पर समिति का कोई अपना सुरक्षा गार्ड नहीं रहता है। वहीं सुरक्षा के लिए दो पुलिसकर्मी रहते हैं, जो मंदिर के बाहर मौजूद रहते हैं। घाट पर सुरक्षा के मद्देनजर कोई पेट्रोलिंग नहीं की जाती है।
मऊ महादेव मंदिर घाट पर पूर्व में घाट की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यहां पुलिस चौकी स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया था, जो आज भी कागजों में दबा पड़ा है। पुलिस चौकी बनने के बाद भी यहां पर पुलिसकर्मियों की नियमित तैनाती नहीं होती।
केस-1 सावन माह के अंतिम सोमवार को मऊ महादेव मंदिर पर फोटो खींचने को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। दोनों पक्षों में पुरुष -महिलाओं ने एक-दूसरे पर डंडे से मारपीट की।
केस-2 बीते दिनो मऊ महादेव मंदिर घाट पर मोटरबोट संचालन को लेकर दो पक्षों में कहासुनी नोकझोंक का वीडियो वायरल हुआ। एक पक्ष दूसरे पक्ष को मोटरबोट हटाने की मांग करते दिखा। वहीं पर दूसरा पक्ष मोटरबोट को नही हटाने पर अड़ा रहा।
केस-3 बीते एक सप्ताह पूर्व मऊ महादेव मंदिर घाट पर मोटरबोट पर मडैया घाट के पास पत्थर बाजी हुई। इसमें बोट संचालक के हाथ में चोट लग गई। वहीं नाव में बैठे लोगों में अफरातफरी का माहौल हो गया।
केस-4 मऊ महादेव मंदिर घाट पर अश्लील वीडियो बनाने को लेकर कई युवा घाट पर पहुंचकर लोगों को रोकते हैं। कई बार वीडियो बनाने वालों की बहस भी होती है। कुछ लोग अश्लील वीडियो की खिलाफ बात करते हुए कार्रवाई कराने की बात कहते हैं।