सपा राष्ट्रीय सचिव राजीव राय से अपने साथ हुए धोखाधड़ी की कहानी बताता राधेश्याम।
जिले में जालसाजी करने वाले गैंग ने विभिन्न गांवों के 56 लोगों को लोन स्वीकृत कराकर करोड़ों रुपये गबन कर लिया। इस गैंग के शिकार हुए लोगों को इस बात की जानकारी काफी समय बाद तब हुई जब उनके नाम से बैंक ने नोटिस जारी किया। इस दौरान पीड़ितों ने भाग दौड़ शुरू किया। आरोपी ने उन्हें आश्वासन का घूंट पिलाकर काफी समय तक शांत रखा। अब जब आरसी जारी हुई तो पीड़ित अधिकारियों के यहां गुहार लगाना शुरू किए। लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इस दौरान पीड़ित एकजुट होकर न्याय पाने के लिए सपा नेता राजीव राय के पास पहुंचे। जहां से मामला सार्वजनिक हुआ।
पीड़ितों में शामिल हलधरपुर थाना क्षेत्र के मड़ैली गांव निवासी राधेश्याम ने बताया कि उनके क्षेत्र के नगवा गांव निवासी एक व्यक्ति ट्रैक्टर की एजेंसी खोला था। वर्ष 2013 में वह उसे सूखा राहत की धनराशि दिलाने के नाम पर अपने साथ ले गया। इस दौरान वह उनका फोटो के साथ जोतबही व अन्य दस्तावेज के साथ फोटो लिया। बाद में वह बैंक ले जाकर उससे एक फार्म पर हस्ताक्षर कराया। इस घटना के दो दिन बाद आरोपी ने उसे पांच हजार सूखा राहत के नाम पर दिया। इसी तरह का वाक्या अन्य लोगों के साथ हुआ।
वर्ष 2013 से 2015 में करीब 56 लोग इसी तरह ठगी के शिकार हुए। इस दौरान पीड़ितों ने कथित सूखा राहत का चेक दिलाने वाले से संपर्क किया। पीड़ितों की मानें तो आरोपी ने उन्हें सब कुछ ठीक हो जाने का आश्वासन दिया। इस तरह से वह लंबे समय तक उन्हें घुमाता रहा। जब बैंक की आरसी कटी तो पीड़ितों ने अधिकारियों का चक्कर लगाना शुरू किया। लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई।
इस दौरान सभी एकजुट होकर न्याय की गुहार में इधर उधर भटकना शुरू किए। इसी क्रम में वे बुधवार को सपा नेता राजीव राय के यहां पहुंचे। राजीव राय ने उनकी व्यथा सुन कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान उन्होंने डीएम और एसपी से वार्ता की।वहीं डीएम वैैैभव श्रीवास्तव का कहना है कि बहुत पहले मेरे पास एक पीड़ित इसकी शिकायत लेकर आया था। इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। मामले की जांच एसडीएम सदर को सौंप दी गई हे।