पुलिस ने रविवार की सुबह जानलेवा हमले के मामले में सरवां निवासी मुंद्रिका पासवान, अभिमन्यू कन्नौजिया उर्फ मोनू और योगेश पासवान उर्फ बेतुल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इस पहले आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर घर पर फायरिंग करने का आरोप लगाया।
वीडियो में मुंद्रिका और योगेश बता रहा है कि 06 मार्च 2025 को चार लोगों ने घर पहुंचकर जान से मारने के लिए तमंचे से फायरिंग की थी। शिकायत के बाद सुनवाई नहीं हुई न ही आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। पुराने मुकदमे में सुलह का दबाव बनाते हुए रविवार की भोर में दो बजे इन्हीं आरोपियों ने फायरिंग की है। सुबह पहुंचे पुलिसकर्मी खाली कारतूस उठाकर ले गए हैं। इस बीच कई बार जानलेवा हमला भी हो चुका है। योगेश पासवान ने बताया कि वह पहलवान है और अलग अलग जिलों में कुश्ती लड़ता है। इसी बात से विरोधियों को जलन हैं। आए दिन जानलेवा हमला करते हैं और जान से मारने की धमकी देते हैं। सरायलखंसी थाना के प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह ने बताया कि दिसंबर 2025 में इन्हीं लोगों ने जानलेवा हमला कर गांव के ही सूरज पासवान को घायल दिया था।
करीब 25 दिन तक उसका बीएचयू ट्रामा सेंटर में इलाज चला। अभी तक वो अपने पैरों पर ठीक से खड़ा नहीं हो पाता है। इसी मामले में इन तीनों के विरुद्ध हत्या के प्रयास में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इनकी गिरफ्तारी के लिए सीओ सिटी ने कोर्ट से वारंट जारी कराया था, जिसकी जानकारी होने पर तीनों ने भोर में दरवाजे पर गोली चलाने की कहानी गढ़ी थी।