कलेक्ट्रेट सभागार में जन सूचना अधिकारियों/प्रथम अपीलीय प्राधिकारियों की कार्यशाला में प्रशिक्षण देते डा. राहुल सिंह।
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कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को जन सूचना अधिकारियों एवं अपीलीय प्राधिकारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। इस दौरान रजिस्ट्रार ने समय से सूचनाएं दिए जाने का निर्देश दिया। वहीं प्रशिक्षण में शंकाओं और जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया।
मुख्य अतिथि राज्य सूचना आयोग के रजिस्ट्रार जितेन्द्र मिश्र ने कहा कि अधिनियम 2005 के लागू हो जाने के बाद लोगों में अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता आई है। शासकीय कार्यों में पारदर्शिता लाने तथा भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से इस अधिनियम को लागू किया गया। रजिस्ट्रार ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रत्येक लोक प्राधिकरण की कार्य प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही विकसित कर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना है। उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि आरटीआई के संबंध में शंकाओं और जिज्ञासाओं को दूर करें। उन्होंने अपीलीय प्राधिकारियों को समय से सूचनाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
डीएम प्रकाश बिंदु ने कहा कि जन सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 एक क्रान्तिकारी अधिनियम है। इसके लागू हो जाने से कार्यों में पारदर्शिता आई है ,वहीं भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है। अधिनियम से सरकारी कर्मचारियों को सबसे अधिक फायदा हुआ है। प्रशिक्षक डा. राहुल सिंह ने कहा कि इस प्रकार का अधिनियम सबसे पहले 1766 में स्वीडन में पहली बार लागू किया गया तथा वर्तमान में कुल 98 देशों में यह लागू है।
एसपी ललित कुमार सिंह और सीएमओ डा.एससी सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर प्रशिक्षण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सीडीओ आशुतोष कुमार द्विवेदी, डीडीओ विजय शंकर राय, सीआरओ हंसराज यादव, एसओसी चकबंदी आलोक कुमार, जिलापूर्ति अधिकारी नागेन्द्र तिवारी, अर्थ एवं संख्या अधिकारी, नगर क्षेत्राधिकारी राजकुमार आदि मौजूद थे।