कोपागंज के ग्राम सभा गंगूवाबारी कलस्टर के गांवों की जांच करते अधिकारी।संवाद
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कोपागंज। कोपागंज ब्लाक क्षेत्र के पांच गांवों में कराए गए विकास कार्यो में गोलमाल के मामले की जांच करने बुधवार को टीम मौके पहुंची। दुबारा विकास कार्यों की जांच करते हुए अभिलेख कब्जे में लिए। कोपागंज विकासखंड क्षेत्र के कई गांवों में कागज में ही विकास कार्य कराए गए हैं। शिकायतकर्ता गोरख प्रांत के क्षेत्रीय मंत्री अखिलेश तिवारी के अनुसार, खालिसपुर कलस्टर में तैनात सेक्रेटरी को विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से गत 28 मई 2022 को उसके मूल कलस्टर से सभी नियमो को ताक पर रखते हुए 40 किमी दूर गंगुआबारी कलस्टर का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया। प्रभार मिलते ही गंगुआबारी, मसीना और तिघरा में एक दिन भी विकास कार्य न करने के बाबजूद मनमाने तरीके से वाटर सप्लाई मेंटेंस, डेवलेपमेंट और मेंटेन्स, हेल्थ, फेमिली वेलफेयर तथा हैंडपंप रिबोर आदि के नाम पर 16,67,507 रुपये के भुगतान लिए। अखिलेश तिवारी ने कलस्टर के सचिव पर आरोप लगाते हुए कहा है कि सेक्रेटरी द्वारा पांचों ग्राम सभा से एक महीने के अंतराल में बिना कार्य कराए 41 लाख से अधिक का भुगतान किया गया है। बुधवार की सुबह जिला संख्याधिकारी अधिकारी ददन कुमार के नेतृत्व में त्रिस्तरीय जांच टीम मौके पर दुबारा पहुंच गंगूबाबारी क्लस्टर के गांवों में हैंडपंप,खड़ंजा, इंटरलाकिंग, स्ट्रीट लाइट आदि की जांच पड़ताल किया। साथ ही अभिलेखों को जब्त कर लिया। जिला संख्याधिकारी अधिकारी ददन कुमार ने बताया कि जांच प्रक्रिया चल रही है।