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तीन स्थानों पर बवाल हुआ

Tue, 03 Nov 2015 12:16 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
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प्रशासन के लाख दावों के बावजूद मतगणना में निष्पक्षता के सवाल पर सोमवार को तीन स्थानों पर बवाल हुआ। कानून व्यवस्था ध्वस्त होने पर कई सवाल खड़े हो गए।
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हालांकि रविवार को ही संपन्न हुई मतगणना के बाद सोमवार को तीन बजे दिन तक सात जिला पंचायत सदस्य क्षेत्रों के चुनाव परिणाम ने भी प्रशासन के मंशा पर प्रश्न चिह्न लगा दिया। जबकि प्रशासन दो ब्लाकों में हुए हंगामे एवं मतगणना कार्य में लेटलतीफी एवं लंबी प्रक्रिया का हवाला देकर निष्पक्षता से मतगणना का दावा कर रहा है।


चार चरणों में हुए मतदान की मतगणना एक नवंबर को ही सभी ब्लाकों के मतगणना स्थलों पर शांतिपर्ण ढंग से कराए जाने को लेकर तैयारी थी। तीन चरणों में शामिल संबंधित ब्लाकों में जैसे-तैसे बिना हंगामे या मामूली विवाद के बाद तो किसी प्रकार मतगणना शांतिपूर्वक हो गई।
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 लेकिन ज्यादा समस्या कोपागंज ब्लाक, दोहरीघाट एवं फतहपुर मंडाव ब्लाक में हुई। दोहरीघाट एवं फतहपुर मंडाव ब्लाक में रविवार की रात ही मतगणना संपन्न होने के बाद भी सोमवार को तीन बजे तक रिजल्ट रुका हुआ था।


 दुबारी, सुल्तानपुर बारहगांवा, केश्वपुर सुल्तानीपुर, सिपाह, गोंठा, सियरही बरजला के चुनाव परिणाम की घोषणा सोमवार को लगभग तीन बजे सार्वजनिक की गई।


उधर मर्यादपुर, गोंठा क्षेत्र पंचायत में जबरदस्त बवाल भी लोगों को झेलना पड़ा। इसमें न सिर्फ प्रत्याशियों के समर्थकों को लाठियां खानी पड़ी बल्कि प्रशासन के अधिकारी कर्मचारियों को भी दिनभर जलालत झेलनी पड़ी। पूर्व में ही तय था कि सभी जिला पंचायत सदस्यों के  परिणाम की घोषणा जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट भवन पर होगी। 


जबकि परिणाम की घोषणा  गणना स्थलों पर हो रही थी । उसका हिसाब भी एजेंटों को वहीं पर नोट कराया जा रहा था। मतगणना पूरी होने एवं वोटों का हिसाब किताब होने के बाद महज जीत की औपचारिकता की घोषणा भर जिला मुख्यालय पर होनी थी।
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अब सवाल यह है कि जबकि एजेंटों एवं मतगणनाकर्मियों द्वारा जो गणना की गई उसे लेकर इस प्रकार की विरोधाभास स्थिति क्यों पैदा हुई। पहले कोई तो बाद में कोई प्रत्याशी कैसे जीत गया।
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