कोयला जब्त करने का आदेश जिलाधिकारी अमित सिंह बंसल ने धारा 14ए के तहत दिया था। एसपी ने बताया कि ठेकेदार अजय उर्फ मन्ना सिंह की हत्या बीते 29 अगस्त 2009 को गाजीपुर तिराहे पर की गई थी। इसमें विधायक मुख्तार अंसारी के साथ त्रिदेव कंस्ट्रक्शन और कोल डिपो के मालिक कोयला माफिया उमेश सिंह नामजद किए गए थे।
उमेश मूलरुप से सरायलखंसी थाने के अहिलाद गांव के निवासी है। इंदारा में उनके नाम से गिराया गया करीब 300 टन कोयले को पुलिस ने जिलाधिकारी द्वारा जारी किए गए आदेश पर शुक्रवार को जब्त किया। इसकी कीमत 25 लाख 50 हजार रुपये है। इससे पूर्व 23 अक्तूबर को पुलिस ने सीओ नगर नरेश कुमार के नेतृत्व में इंदारा में मौजूद उनके कोल डिपो को जब्त कर सीज किया था जिसकी कीमत करीब 10 लाख 36 हजार 200 है।
पुलिस अधीक्षक सुशील घुले ने बताया कि मुख्तार के करीबी और माफिया उमेश सिंह की करीब छह करोड़ 67 लाख 36 हजार रुपये मूल्य की संपत्ति अबतक धारा 14ए के तहत डीएम के आदेश पर पुलिस जब्त कर चुकी है। इसमें जमीन की कीमत करीब 5.5 करोड़ रुपये है, यह जमीन 3400 वर्ग मीटर की है। इस जमीन पर शॉपिंग माल और दो कॉपलेक्स बने हैं।
इसी क्रम में एक करोड़ रूपये मूल्य के आठ वाहन जब्त किए गए हैं। इसके अलावा इंदारा के अदरी मौजा में मौजूद करीब 17 लाख 36 हजार रुपये कीमत का निर्मित मकान शामिल है। एसपी ने बताया कि उमेश की संपत्ति की जांच विभिन्न जांच एजेंसियां भी कर रही है।
पुलिस अधीक्षक सुशील घुले ने बताया कि बीते चार माह के अंदर मुख्तार और उसके गिरोह से जुड़े लोगों पर शिकंजा कसने का काम पुलिस कर रही है। इस दौरान पुलिस ने संचालित विभिन्न गिरोहों को चिन्ह्ति कर उनका चालान किया। साथ ही 14ए के तहत करीब 21 करोड़ 80 लाख 36 हजार मूल्य की चल और अचल संपत्ति को जब्त किया गया है।