दोहरीघाट के सरयू नदी पर मौनी अमवस्या में स्नान करते लोग।
मौनी अमावस्या पर घाघरा और तमसा नदी के विभिन्न घाटों पर भारी संख्या में श्रद्घालुओं ने डुबकी लगाई। साथ ही मंदिरों में पूजन अर्चन करने के साथ-साथ गरीबों को दान भी दिया। घाटों और पोखरों पर मेले का आयोजन किया गया। जिसमें काफी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
नगर के तमसा एवं दोहरीघाट के सरयू नदी के तटों पर भोर से ही स्नानार्थियों का तांता लग गया था। धार्मिक परंपरा के तहत नगर के हनुमान घाट, मड़इयाघाट, बमघाट, सत्तीघाट, ढेकुलियाघाट और रामघाट, शीतला माता धाम स्थित पोखरा, वनदेवी धाम सहित पोखरे सहित विभिन्न प्रमुख धार्मिक पोखरों मेें श्रद्घालुओं ने डुबकी लगाया।
दोहरीघाट संवाददाता के अनुसार धार्मिक परंपरा के तहत नगर के सरयू नदी के विभिन्न घाटों पर हजारों लोगों ने डूबकी लगाकर पुण्य प्राप्त किया। महिलाओं ने मां सरयू को कड़ाही चढ़ाई। स्नान के बाद लोग सरजू पूजन, गौ दान, ब्राह्मण दान, गरीब दुखियों को दान कर पुण्य के भागी बने। वहीं महिलाओ ने मंदिरो, माता सरजू को पूरी हलवा चढ़ाया। सुबह से ही मंदिरो में आरती पूजन चलता रहा। स्नान के बाद लोगों ने मौनी अमावस्या पर लगने वाले मेले का लुत्फ उठाया।
जहां महिलाओं ने घरेलू सामानों की खरीदारी की तो वहीं बच्चों ने चर्खी झूले का आनंद लिया। मेले में बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था। हालांकि पर्व पर बदले मौसम का असर नहीं रहा और ठंड के बावजूद भी स्नानार्थियों में उत्साह बना रहा। उधर, सुरक्षा के मद्देनजर घाटों और मेला क्षेत्र में पुलिस के व्यापक इंतजाम रहे।
जहां पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद रहे तो वहीं अधिकारी लगातार चक्रमण कर स्थिति पर नजर रखे रहे।