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जिनके घर नदी में विलीन हो गए, उन्हें भी भेजा बिल

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बिंटोलिया नयी बस्ती में अपने मकान को तोड़ कर समान सुरक्षित स्थान पर ले जाते कटान पीड़ित। - फोटो : MAU
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सरयू नदी का जलस्तर लगातार घटने के बाद भी बिंदटोलिया के नई बस्ती में कटान रुकने का नाम नहीं ले रही है। परसिया जयराम गिरि हाहानाला पर नदी का जलस्तर बुधवार को 30 सेंटीमीटर घट गया। उधर कटान के चलते घर बार छोड़कर कटान पीड़ित स्कूलों में शरण लेकर जैसे तैसे दिन गुजार रहे हैं। इसी बीच बिजली विभाग ने उनको बिल भेज दिया है। कटान पीड़ितों का दर्द है कि उनके घर तो कटान में नदी में विलीन हो गए लेकिन बिजली विभाग उन्हें बिल भेज रहा है।
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कटान पीड़ितों का कहना है कि सरकार को उनके बिज माफ करने चाहिए। कटान पीड़ितों का कहना है कि उनके घर बार और खेती सब कुछ नदी की कटान की भेंट चढ़ चुका है। कटान के कारण वे एक एक रुपये के मोहताज हो गये हैं, कोई रोजी रोजगार नहीं रह गया है। यहाँ तक रसोई गैस सिलेंडर खाली पडे़ हैं , उन्हें भरवाने के लिए रुपये नहीं हैं और लकड़ी से जैसे तैसे भोजन बनाया जा रहा है। उनकी पीड़ा है कि कोटे की दुकान से अब तक केरोसीन तेल नहीं मिला है। बिजली कट जाने पर विद्यालय में अंधेरा हो जाता है तो अंधेरे में भोजन बनाने में बहुत परेशानी होती है। उधर बुधवार को नदी का जलस्तर 30 सेंटीमीटर घट गया। परसिया जयराम गिरी हाहानाला का रेगुलेटर मीटर 63.80 मीटर पर आ गया जबकि एक दिन पूर्व मंगलवार को जलस्तर 64.10 मीटर पर था। इस संबंध में विद्यालय में शरण ले रहे कटान पीड़ित शिवचंद, शम्भू,अमला, सुनील, लल्लन, नीबू लाल, चंदन, नन्हकू, बेचू और रामदेवाल आदि का कहना था कि कटान पीड़ितों का बिजली बिल माफ किया जाना चाहिए।
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